जहांगीराबाद (सीतापुर)। शासन की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का हाल जिम्मेदारों के कागजों पर लिखी इबारत से जुदा है। जिम्मेदारों ने योजना के तहत कार्य मुकम्मल करने का दावा किया है, जो हवा-हवाई साबित हो रहा है। इस वजह से हर घर स्वच्छ जल पहुंचने का सपना पूरा नहीं हो पा रहा है।
सकरन विकास खंड की ग्राम पंचायत रेवान में योजना के तहत गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर पानी की टंकी का निर्माण किया गया है। परिसर में एक रूम में पंप लगा है। गांव के रास्तों को खोदकर पाइप डाली गई, इसके बाद ठीक प्रकार से रास्तों की मरम्मत नहीं की गई। वहीं, निर्माण कार्य भी अधर में लटका हुआ है।
आरओ प्लांट का पता नहीं, लिख दी क्लोरीन की मात्रा
रेवान में बनी पानी की टंकी के एक कमरे में आरओ प्लांट लगाया जाना है। वहां आरओ प्लांट तो नहीं लग सका है। दीवार पर जल में क्लोरीन की मात्रा जरूर दर्शाई गई है। दीवार पर लिखे विवरण में निर्माण की समय सीमा व निर्माण की लागत भी नहीं अंकित है। जेनरेटर व सोलर पैनलों का भी अता-पता नहीं है।
दो वर्ष पूर्व शुरू हुआ निर्माण, सड़कें गड्ढायुक्त
ग्रामीणों के अनुसार दो वर्ष पहले निर्माण कार्य शुरू होने के बाद गांव की सड़कों को गड्ढों में तब्दील कर पाइप लाइन डाली गई थी। उसके बाद रास्तों की मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने अपने घरों के सामने खुद मरम्मत की। विंकटेश मौर्य, विनय कुमार, मो. इरफान, सुशील कुमार ने बताया कि दो वर्षों में पानी मिलना तो दूर रास्ते खोदने के बाद सही नहीं कराए गए। बताया कि जहां पानी की टंकी बनी है, वहां बड़ी-बड़ी घास उगी है। ऐसे में घरों में कब पानी पहुंचेगा, यह पता ही नहीं है।