सीतापुर। शहरी के हर घर में पानी पहुंचाने की योजना लटक गई है। अमृत योजना के तहत अभी तक करीब 80 फीसदी ही काम हो सका है। इस योजना पर करीब 40 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके है। सुस्त रफ्तार के कारण मार्च के बाद ही काम पूरा होने की उम्मीद है। ऐसे में शहरवासियों को पानी के लिए अभी इंतजार करना पड़ेगा।
नगर पालिका सीतापुर का चार साल पहले अमृत योजना के तहत चयन हुआ था। इस योजना के तहत पूरे शहर को वाटर सप्लाई से जोड़ा जाना था। इसके तहत 128 किलोमीटर नई पाइप लाइन बिछाई जानी थी। जल निगम ने पूरे शहर को जोड़ने के लिए दो फेज में बांट दिया था। प्रत्येक फेज को छह जोन में बांटा है। पहले फेज में जहां पर कुछ तेजी से काम शुरू हुआ।
इससे इस फेज में पाइप लाइन बिछाने का काम पूरा हो गया है। दूसरे फेज की प्रगति अच्छी नहीं रही। इस फेज में 62 किलोमीटर पाइप लाइन बिछाई जानी है। जिसमें अब तक महज 45 किलोमीटर की लाइन बिछ सकी है। 15 किलोमीटर पाइपलाइन डालना अभी बाकी है। दोनों फेज का काम मार्च 2021 तक पूर्ण होने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इधर चुनाव के चलते अब पूरी प्रक्रिया ठप हो गई है। इससे अब यह काम मार्च माह तक पूर्ण होने के आसार नहीं दिख रहे है। इससे शहरवासियों को पानी के लिए अभी कुछ और इंतजार करना होगा। अपर जिलाधिकारी रामभरत तिवारी ने बताया कि अमृत योजना को शहर में जल्द पूर्ण कराया जाएगा।
पहला फेज पूरा
सीतापुर शहर के पहले फेज के पहले जोन मेें मुंशीगंज, जनकपुरी, तरीनपुर शामिल है। दूसरे जोन में मिरदहीटोला, चौबेटोला, शेखसरायं मोहल्ला है। दूसरा जोन ए में कोट, कोहना चौकी है। तीसरेे जोन में टाउनहाल, प्रेमनगर, वैदही वाटिका है। चौथे जोन में लालबाग शामिल है। पांचवें जोन में सिविल लाइन, बैजनाथ कॉलोनी व ऑफीसर कॉलोनी शामिल हैं। छठे जोन में लक्ष्मनपुर व नवीन चौक इलाका शामिल है। यहां पर पाइप लाइन व जलाशय बन गए है।
धीमी गति से हुआ काम
शहर को दूसरे फेज में छह जोन में बांटा जा चुका है। पहले जोन में लोहारबाग, ग्रीकगंज, दूसरे जोन में विजयलक्ष्मी नगर, आर्यनगर, घूरामऊ बंगला है। तीसरे जोन में सदर बाजार, सुदामापुरी व हुसैनगंज है। चौथे फेज में आवास विकास, बेगमबाग, पांचवें फेज में ग्वालमंडी, आनंद नगर व स्वरूपनगर है। छह जोन में इस्माइलपुर, खूबपुर, गल्ला मंडी व हेमपुरवा शामिल है। इस फेज में 45 किलोमीटर पाइप लाइन डाली जा चुकी है।
सड़क खोदने के बाद नहीं कराई दुरुस्त
अमृत योजना के तहत शहर में पाइप लाइन बिछाई गई है। इस दौरान कई जगहों पर सड़क को खोद के डाल दी गई। जलनिगम ने इन मार्गों को दुरुस्त कराने में रुचि नहीं ली। अब हाल यह है कि जिन मार्गों पर पाइनलाइन पड़ी है, वह मार्ग पूरी तरह से खराब हो गए है। इन मार्गों पर निकलना मुश्किल हो रहा है। इसकी बानगी के तौर पर शहर के विकास नगर मोहल्ले का मुख्य मार्ग है, जहां पर पैदल निकलना भी मुश्किल आए। मोहल्ले के लोग इस मार्ग पर प्रयोग न करके दूसरे रास्तों से घर जा रहे हैं।