रामपुर मथुरा में खेतों में भरा बाढ़ का पानी व कटान करती सरयू नदी। संवाद
रामपुर मथुरा। सरयू व शारदा नदी के जलस्तर में शनिवार को कमी दर्ज की गई। सरयू का जलस्तर शनिवार को 118.10 मीटर दर्ज किया गया। 24 घंटे में जलस्तर 20 सेमी घटा है। खतरे के निशान 119 मीटर से पानी अब 90 सेमी नीचे बह रहा है। शारदा नदी खतरे के निशान से 0.64 मीटर नीचे है। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों ने राहत की सांस ली है। मगर पानी घटने से कटान का खतरा बढ़ गया है। उधर, बैराजों से शनिवार को 3.12 लाख क्यूसेक पानी फिर डिस्चार्ज किया गया है।
ग्रामीणों के मुताबिक, बाढ़ का पानी कम जरूर हुआ है मगर खतरा नहीं टला है। खेतों व निचले हिस्सों में पानी भरा होने से मुश्किलें फिलहाल कायम हैं। सरयू के तटवर्ती बुचऊपुरवा, नागेश्वरपुरवा, बाबाकुटी तथा प्यारेपुरवा गांवों के आसपास भरा बाढ़ का पानी कम होने लगा है। रास्तों पर भरा पानी भी घट रहा है। इससे कुछ राहत है।
मक्का व धान सहित अन्य फसलों में भरा पानी निकलने से नुकसान का खतरा कम हुआ है। मगर पानी घटने से सुंदरपुरवा के पास खेतों में धीमी गति से कटान शुरू हो गया है। कटान में तेजी की आशंका से ग्रामीण परेशान हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, पानी घटने से कटान का खतरा बढ़ जाता है। गांव के रामू व अखिलेश ने बताया कि पहली बार सरयू में उफान से जलस्तर 118.30 मीटर तक पहुंच गया था। बारिश का सीजन अभी चल रहा है। ऐसे में बाढ़ का खतरा टला नहीं है।
देवरिया कुमार ने बताया कि सरयू में बैराजों से छोड़े गए पानी से उफान आता है। यदि थोड़ा-थोड़ा पानी छोड़ा जाए तो बाढ़ व कटान की स्थिति नहीं आएगी। प्रमोद ने बताया कि भीषण बाढ़ में तहसील प्रशासन से मदद मिलती है। मगर बाढ़ व कटान से हुए नुकसान की भरपाई नहीं हो पाती है।
रामपुर मथुरा में खेतों में भरा बाढ़ का पानी व कटान करती सरयू नदी। संवाद