लखीमपुर मार्ग पर महर्षि स्कूल मोड़ के पास हुआ जलभराव। - संवाद
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सीतापुर। करीब छह घंटे की बारिश ने शहर में जलनिकासी की व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। नाला नालियां कुछ ही देर में उफना गये। सड़कों से लेकर घरों के अंदर तक पानी भर गया। खाली पड़े प्लाट तालाब जैसे नजर आए। कलेक्ट्रेट परिसर, विकास भवन, एनसीसी ऑफिस, तहसील परिसर में हर तरफ पानी ही पानी दिखाई दिया। शहर के 20 से अधिक मोहल्लों में जलभराव हो गया। लोग दिनभर घरों से पानी बाहर निकालने में जुटे रहे।
कई दिनों से मौसम बहुत गर्म हो रहा था। बीती रात अचानक मौसम में बदलाव हुआ। रात में शुरू हुई इस सीजन की पहली बरसात से एक तरफ गर्मी से राहत मिली तो दूसरी तरफ जलभराव से मुसीबत खड़ी हो गई। इस बरसात ने नगर पालिका के नाला सफाई अभियान की पोल खोलकर रख दी। नगर पालिका की तरफ से जहां 80 फीसदी नाले साफ होने का दावा किया जा रहा था, वहीं एक ही बरसात में नाले चोक हो गए। कुछ ही देर में उफनाने लगे। इसकी वजह से कलेक्ट्रेट परिसर, नगर पालिका परिसर, विकास भवन, तहसील परिसर, एनसीसी ऑफिस में पानी भर गया।
विकास भवन में पानी भरने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर ईओ ने खुद मौके पर पहुंचकर जलनिकासी का इंतजाम करवाया। इसी तरह शहर के विकास नगर, खूबपुर, मुंशीगंज, पुलिस लाइन, नैपालापुर सहित 20 से अधिक मोहल्लों की सड़कों के ऊपर पानी बहने लगा। विकास नगर में नाला चोक होने से कई घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया। बाशिंदें खुद ही जलनिकासी का इंतजाम करते हुए दिखाई दिए। दोपहर बाद जब जलस्तर कम हुआ तो लोगों ने राहत की सांस ली। खाली पड़े प्लाट में पानी भरने से अब वहां पर संक्रामक रोग फैलने की आशंका बनी हुई है।
गंदे पानी से होकर निकले लोग
शहर में जगह-जगह बरसात का पानी भर गया। मोहल्ले की गलियां पानी में डूब गईं। इसकी वजह से जब लोग अपने घरों से बाहर निकले तो वह गंदे पानी के बीच से होकर जाने को मजबूर रहे। कई मोहल्लों में बाइकों के आधे पहिये डूब गये। सुबह बरसात होने के कारण बच्चे स्कूल भी नहीं जा सके।