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एक साइकिल पर वोट देने से पैदा होंगे दस गुंडे

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सीतापुर। डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि हम राम मंदिर भी बनवाते हैं और जरूरतमंदों को झोपड़ी से उठाकर उनको आवास में भी लाते हैं। पांच साल में सबका साथ, सबका विकास के साथ बिना किसी भेदभाव के केंद्र व राज्य सरकार ने काम किया है। सपा आतंकवादियों की फैक्टरी है। अखिलेश यादव का मानसिक संतुलन बिगड़ गया है। वह पुलिस के खिलाफ जिस स्तरहीन भाषा का उपयोग करते हैं, यह एक पूर्व सीएम को शोभा नहीं देता है।
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डिप्टी सीएम ने चुनाव प्रचार के अंतिम दिन हरगांव व सिधौली विधानसभा के प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा की। सिधौली में गांधी डिग्री कॉलेज के मैदान व हरगांव में शाहपुर में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले गांव में न तो बिजली आती थी न ही कोई ट्रांसफार्मर बिना पैसे के बदला जाता था। अब हर गांव में बिजली पहुंच गई है। हम यहां पर वोट नहीं कर्ज मांगने आए हैं। 10 मार्च के बाद विकास करके यह कर्ज अदा कर दूंगा। 2017 तो ट्रेलर था, असली पिक्चर तो 10 मार्च के बाद चलेगी।
जरूरतमंदों के लिए प्रदेश व केंद्र का खजाना खोल दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने कहा कि सरकार बनने पर जरूरतमंदों की बेटियों की शादी के लिए एक लाख रुपये दिया जाएगा। नलकूप चलाने के लिए बिजली फ्री दी जाएगी। अपराधियों को जेल भेजा जाएगा। प्रदेश में सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ नहीं होगा। प्रत्येक नागरिक को गारंटी के साथ सुरक्षा दी जाएगी।
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2017 से पहले योजनाओं का आने वाला 85 प्रतिशत पैसा बेईमानों के पास जाता था। केवल 15 प्रतिशत पैसा जरूरतमंद के पास पहुंचता था। डिप्टी सीएम ने कहा कि, जितना प्रधानमंत्री ने सम्मान दिया है। उतना किसी ने नहीं दिया। वाराणसी में मां गंगा में स्नान के बाद मोदी ने मंदिर बनाने वाले लोगों के पांव पखारे थे। इतना सम्मान क्या कोई पार्टी कर सकती है।
अखिलेश यादव छह माह से जब से चुनाव आया है तबसे दिखाई दे रहे हैं। जब पूरा देश कोरोना के संकट से जूझ रहा था तो उस समय अखिलेश यादव कहां थे। उस समय उनको जनता की याद नहीं आई। अब वह झूठा प्रचार करके वोट मांग रहे हैं।
पिता की सल्तनत पर कर रहे राज
डिप्टी सीएम ने कहा कि अखिलेश यादव को जनता का दर्द नहीं मालूम है। अखिलेश को पिता की सल्तनत से कुर्सी मिली थी। उन्होंने कोई मेहनत करके राजनीति नहीं हासिल की है। इसलिए उनको जनता का असली दर्द व राजनीति नहीं मालूम है। दो चरणों के चुनाव में साइकिल सैफई पहुंच गई थी। अब तीसरे चरण के बाद वह सीधे बंगाल की खाड़ी में आ गई है।
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