तंबौर/सीतापुर। नदियों के जलस्तर बढ़ने से ग्रामीणों की चिंताएं बढ़ने लगी हैं। तंबौर इलाके में चल रही बाढ़ राहत परियोजनाओं की धीमी प्रगति पर ग्रामीण गुरुवार को उग्र हो गए। परियोजना स्थल पर प्रदर्शन करके जिला प्रशासन से जल्द काम पूरा कराने की मांग की।
शारदा नदी से बरक्षता, बरेला, लीलापुरवा व हनुमान सिंहपुरवा को बाढ़ व कटान से बचाने के लिये सिंचाई विभाग की ओर से करीब पांच करोड़ 70 लाख रुपये की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। धीमी गति से हो रहे कार्य से ग्रामीण बाढ़ की आशंका से सहमे हुए हैं। बुधवार शाम से नदी के जलस्तर में हो रही वृृद्धि से इनकी चिंताएं बढ़ गई हैं। गुरुवार को बाढ़ परियोजना में केवल तीन मजदूर कार्य करते देखकर बरक्षता के तमाम लोगों ने नदी के किनारे जुटकर आक्रोश जताया।
सिंचाई विभाग के अधिकारी से लेकर ठेकेदार तक साइड पर मौजूद न होने से लोग मायूस थे। बीते माह जिलाधिकारी ने इस परियोजना का निरीक्षण कर दिन रात काम करवाकर हर हाल में 15 जून तक काम पूर्ण करने के निर्देश दिए थे। बावजूद 30 जून तक कार्य नहीं हो पाया है। नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। जिससे समय रहते काम पूरा होने का खमियाजा लोगों को भुगतना पड़ेगा। शारदा नदी के जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए बिसवां तहसील में पड़ने वाले गांव रतनगंज, बढ़ईनपुरवा, शेखूपर खमरिया, अंधपुर सहित तमाम लोगों को सचेत रहने की चेतावनी जारी की गई है।
नदी के मुहाने पर स्कूल
इस समय नदी के मुहाने पर बरक्षता गांव के साथ प्राथमिक व जूनियर विद्यालय आ गये हैं। बरक्षता निवासी बृजमोहन, प्रमोद, प्रधान अजय सिंह, बालक राम, मदनलाल, श्यामू, विनय राजपूत, कैलाशनाथ, अतिबल सिंह, ओमप्रकाश, कमलेश, राजाराम व अरुण सहित तमाम लोगों ने नदी किनारे परियोजना पर चल रहे कार्य की धीमी गति पर गुस्से का इजहार किया। इन लोगों का कहना था कि पूरी परियोजना में बनने वाले 29 कटर में से केवल 14 ही बन पाए हैं। जबकि इनमें भी कई अपूर्ण हैं। नेट पंप डीजल के अभाव में बंद हैं। करीब आधी परियोजना बनना बाकी है। तीन मजदूर काम पर लगे हैं। ऐसे हालातों में काम कैसे पूरा होगा।