मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है
शिखा की इस सफलता ने न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे सीतापुर जिले को गर्व से भर दिया है। सीमित संसाधनों और साधारण पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद उन्होंने यह साबित कर दिया कि मजबूत इरादे और लगातार मेहनत से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उनके शिक्षकों का कहना है कि शिखा शुरू से ही बेहद अनुशासित और लक्ष्य के प्रति समर्पित छात्रा रही हैं।
पिता की मेहनत और मां के त्याग ने हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी
अपनी इस उपलब्धि का श्रेय शिखा अपने माता-पिता और शिक्षकों को देती हैं। वह बताती हैं कि उनके पिता की मेहनत और मां के त्याग ने उन्हें हमेशा आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। अब उनका लक्ष्य इनकम टैक्स अधिकारी बनकर देश की सेवा करना है। इसके लिए वह और भी अधिक मेहनत करने को तैयार हैं। शिखा की यह कहानी उन लाखों बेटियों के लिए प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखने से नहीं डरतीं और हर चुनौती का डटकर सामना करती हैं।