सीतापुर। खैराबाद के रसूखदार परिवार से ताल्लुक रखने वाले व वर्तमान चेयरमैन के भतीजे की अवैध रूप से संचालित दो फैक्टरी शनिवार को सीज कर दी गई। उसकी दो फैक्ट्रियां नजूल की भूमि पर अवैध रूप से संचालित थीं। फैक्टरी मालिक ने रसूख के दम पर कार्रवाई रोकवाने की कोशिश की, पर तहसील प्रशासन दबाव में नहीं आया। एसडीएम ने खैराबाद के रास्ते, कब्रिस्तान सहित कई विवादों का निपटारा भी कर दिया।
बिसवां की एक दरी फैक्टरी में जहरीले केमिकल से सात लोगों की हुई मौत के सनसनीखेज मामले के बाद जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाए है। इसी सिलसिले में सदर एसडीएम अमित भट्ट ने शुक्रवार को खैराबाद इलाके की एक केमिकल फैक्टरी सीज की थी। इसी के मद्देनजर शनिवार को भी एसडीएम चेकिंग अभियान पर निकले थे।
पड़ताल के दौरान पता चला कि खैराबाद के चेयरमैन हाजी जलीस अंसारी के सगे भतीजे हाजी शफीक भी अवैध रूप से दो फैक्टरी संचालित करता है। उसकी बक्सरिया टोला स्थित एक दरी फैक्टरी की जांच की गई तो वहां बिना जरूरी प्रपत्रों के फैक्टरी संचालित मिली, उसे सीज कर दिया गया। पड़ोस में ही हाजी शफीक इंटरलाकिंग ईंट बनाने का काम करता था।
वह भी बिना किसी जरूरी दस्तावेजों के अवैध रूप से नजूल की भूमि पर संचालित पाई गई। सूत्रों का कहना है कि रसूखदार हाजी शफीक चेयरमैन चाचा की मदद से नजूल की भूमि पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। एसडीएम सदर ने बताया कि जांच के दौरान हाजी शफीक अपनी दोनों फैक्टरी से संबंधित जरूरी दस्तावेज पेश नहीं कर पाए। वह अवैध रूप से नजूल की भूमि पर कब्जा किए हुए थे। दोनों फैक्टरी सीज कर दी गई हैं।