सीतापुर। जिले की स्वाट सर्विलांस और अटरिया पुलिस की संयुक्त टीम ने सोमवार सुबह चोरी के मामले में वांछित दो शातिरों को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। दोनों पर आईजी रेंज ने 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
अटरिया के रनुवापारा निवासी पंकज शुक्ला 22 अप्रैल को अपनी बुआ के यहां मांगलिक कार्यक्रम में पूरे परिवार के साथ इटौंजा गए थे। वह 23 अप्रैल को वापस आए तो घर में चोरी हो चुकी थी। उन्होंने पड़ोसी अंकुश शुक्ला और निर्भय सिंह पर चोरी का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई।
वहीं, 8 मई को अटरिया के ही महादेव प्रसाद विश्वकर्मा ने अपनी दुकान से 1.80 लाख रुपये की नकदी की चोरी होने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने गहनता से दोनों मामलों की जांच की तो एक ही गिरोह का हाथ होने के पुख्ता साक्ष्य मिले।
इस पर पुलिस ने रविवार को बेलहा मोड़ के पास से चोरी में शामिल पांच आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया था। इनमें रनुवापारा निवासी अंकुश शुक्ला, संदना के आमाघाट निवासी विपुल पांडेय, हरदोई के मैलामऊ निवासी विनय कुमार राठौर, रनुवापारा निवासी शनि और करन शामिल हैं।
इन सभी के पास से 37,500 रुपये नकद और आभूषण बरामद हुए। इसके साथ ही वारदात में शामिल फर्जी नंबर प्लेट लगा एक चार पहिया वाहन भी बरामद हुआ था।
पुलिस ने पूछताछ के बाद सभी को जेल भेज दिया। इस कार्रवाई के बाद भी पुलिस टीम ने गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी रखी। आईजी रेंज ने वांछित आरोपी सिधौली के मोहल्ला सराय बाड़ी निवासी हिस्ट्रीशीटर मोहम्मद फरीद और उसके साथी संदना के नंदवन निवासी बैजनाथ उर्फ धीरज पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार सोमवार सुबह पुलिस को मुखबिर से दोनों वांछित बदमाशों द्वारा कोई वारदात अंजाम देने की सूचना मिली। इस पर स्वाट सर्विलांस की टीम ने अटरिया पुलिस टीम के साथ मिलकर चेकिंग शुरू की। उसी दौरान बिना नंबर की एक बाइक से दो संदिग्ध आते दिखे। रुकने का इशारा करने पर दोनों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी।
स्वाट सर्विलांस प्रभारी सत्येंद्र विक्रम सिंह ने आत्मरक्षार्थ गोली चलाई जो एक वांछित के पैर में लगी। इसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके पास से एक बाइक, दो तमंचे, सात कारतूस, सात लाख रुपये के जेवर और 2700 रुपये नकदी बरामद हुई है।
क्षेत्राधिकारी विशाल गुप्ता ने बताया कि फरीद पर लखनऊ में छह प्राथमिकी दर्ज हैं। बैजनाथ पर सीतापुर व लखनऊ में तीन मुकदमे दर्ज हैं। दोनों को जेल भेजा गया है।