सिधौली। दहेज हत्या के एक केस में इलाज करने वाले व्यक्ति को फंसाने का डर दिखाकर वसूली करने वाले सीओ कार्यालय में तैनात दो आरक्षियों को लाइन हाजिर कर दिया गया है। सीओ के चालक को स्थानांतरित किया गया। क्षेत्राधिकारी की जानकारी में मामला आने के बाद तीनों पर यह कार्रवाई हुई है।
अटरिया के पृथ्वीपुर गांव में विवाहिता आरती अवस्थी की मौत होने के बाद मां राजेश्वरी देवी ने 26 सितंबर को दहेज हत्या का मुकदमा लिखाया था। इसमें पति मिथुन, ससुर रामनरेश, देवर कपिल, सूरज व ननद बबली व रंजीता पर मुकदमा दर्ज कराया था। उधर, पुलिस इसी मामले में कमलापुर के रेवरी गांव निवासी रामप्रकाश तिवारी को आरती का गलत इलाज करने के आरोप में 15 नवंबर को थाने लाई थी।
इसके बाद उन्हें निर्दोष मानकर देर रात छोड़ दिया गया। इसके बावजूद क्षेत्राधिकारी कार्यालय में तैनात पुलिसकर्मियों द्वारा दहेज हत्या के मामले में नाम जोड़ने का भय दिखाकर रामप्रकाश तिवारी से पैसों की मांग की जा रही थी। इसकी शिकायत विहिप कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक से की थी। इन आरोपों की गोपनीय जांच के बाद क्षेत्राधिकारी कार्यालय में तैनात नीरज व अजय को लाइन हाजिर कर दिया गया। वहीं चालक अशोक को स्थानांतरित किया गया।