संदना। रसुलवा में किसान पर हमले के बाद से ठिकाना बदल रही बाघिन का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। सोमवार को घटना स्थल से करीब नौ किलोमीटर दूर इकडलापुरवा के पास उसके ताजा पगचिह्न मिलने से क्षेत्र में दहशत और बढ़ गई है। वन विभाग तमाम कोशिशों के बावजूद 19 दिन से उसे पकड़ने में नाकाम रहा है।
मिश्रिख वन रेंज के रसुलवा गांव में 15 जुलाई को किसान कमलकिशोर की बाघिन के हमले में मौत के बाद से वन विभाग का रेस्क्यू अभियान जारी है। दुधवा से आए वन्यजीव विशेषज्ञ डॉ. दीपक व टाइगर ट्रैकर चेतन कुमार की टीमें संभावित क्षेत्रों में कॉम्बिंग कर रही हैं, लेकिन अब तक सभी कवायदें बेनतीजा साबित हुई हैं।
बिजुआमऊ निवासी रमेश व घुसौली के पुत्तीलाल ने बताया कि बाघिन की मौजूदगी से लोग खेतों में जाने व बच्चों को स्कूल भेजने से डर रहे हैं। वन विभाग लगातार लोगों से सतर्क रहने और संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने की अपील कर रहा है। मिश्रिख रेंजर सिकंदर सिंह ने बताया कि इकडलापुरवा के पास मिले पगचिह्न बाघिन के ही हैं।