महोली/इमलिया सुल्तानपुर। जिले में बाघ की दहशत बढ़ती जा रही है। मंगलवार देर रात बाघ ने जहां एक ओर महोली के बंजरिया गांव में एक पालतू गोवंश को निवाला बनाया, वहीं दूसरी ओर हरगांव क्षेत्र के भगवंतपुर गांव में एक वनरोज का शिकार किया। बाघ के ताबड़तोड़ हमलों ने ग्रामीणों को दहशतजदा कर दिया है। डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि दोनों स्थानों पर पगचिह्नों की जांच की जा रही है। प्रथम दृष्टया बाघ का हमला लग रहा है।
वन क्षेत्र महोली के बंजरिया निवासी शिव वीर सिंह का पालतू गोवंश मंगलवार रात घर के बाहर बंधा था। बताया जाता है कि देर रात वह छूटकर खेतों की तरफ चला गया। बुधवार सुबह 10 बजे खेतों की तरफ घास काटने गए ग्रामीणों ने गांव से 500 मीटर दूर विमलेश अवस्थी के गन्ने के खेत में गोवंश का क्षत-विक्षत शव पड़ा देखकर गांव में सूचना दी।
गांव से सुशील सिंह, मानसिंह व शोभित घटनास्थल की तरफ निकले। उनका दावा है कि उन्होंने बाघ को चकरोड से गन्ने के खेत में घुसते हुए देखा। इससे वह डरकर वापस गांव आ गए और वन विभाग को सूचना दी। डिप्टी रेंजर जहीर खान ग्रामीणों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने बाघ द्वारा गोवंश का शिकार किए जाने की पुष्टि की। बताया कि गोवंश का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।
उधर, वन रेंज हरगांव क्षेत्र के भगवंतपुर गांव के बाहर गन्ने के खेत में बाघ ने एक वनरोज को शिकार बनाया। बुधवार सुबह खेत की ओर गए ग्रामीणों ने रामलोटन के गन्ने के खेत में खून व बाघ के पगचिह्न देखे। वहीं कुछ दूर स्थित छोटे के खेत में वनरोज का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला। इसकी जानकारी वन विभाग को दी गई। सूचना पर रेंजर हरगांव बीनू पाल टीम के साथ मौके पर पहुंची और पगचिह्नों की जांच की। उन्होंने ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी।