औरंगाबाद/रामगढ़ (सीतापुर)। गोंदलामऊ क्षेत्र में जानलेवा बुखार व मलेरिया का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार से मंगलवार तक बुखार से किशोर समेत तीन लोगों की मौत हो गई।
बीमारी से मरने वालों की संख्या आठ हो गई है। पांच मरीजों की हालत नाजुक होने पर सीएचसी में भर्ती कराया गया है। प्रभावित गांवों की संख्या बढ़कर 25 हो गई है। इन गांवों के करीब 790 लोग बीमारी की चपेट में हैं।
मिश्रिख ब्लॉक के कुछ गांव भी प्रभावित हैं। ब्लॉक गोंदलामऊ क्षेत्र के कई गांवों में पिछले एक माह से संक्रामक रोग फैले हुए हैं।
पिछले दो दिनों के अंतराल पर कोरौना की सुंदर देवी (55), मोहित (15) निवासी अहमदपुर व राधा (65) निवासी सैदापुर की मौत हो गई।
स्वास्थ्य टीमें लगातार प्रभावित गांवो में कैंप लगाकर जांच व दवाएं वितरित कर रही हैं। इसके बाद भी बीमारी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।
सोमवार को लखनऊ से यहां पहुंचे जॉइंट डायरेक्टर मलेरिया डॉ. अवधेश यादव व फाइलेरिया कंट्रोलर डॉ. सुभाष कुमार ने रामगढ़ व सैदापुर गांव का दौरा किया। रामगढ़ में दो हैंडपंपों के पानी का सैंपल लिया।
सीएमओ व डीपीआरओ ने भी परखे हालात
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके नैयर ने प्रभावित गांवों का दौरा करते हुए लोगों से सफाई की अपील की। उन्होंने स्वास्थ्य टीम को निरंतर गांवों में रहने के लिए सीएचसी अधीक्षक को निर्देश दिया है।
डीपीआरओ ने बीडीओ गोंदलामऊ को निर्देश देते हुए कहा, बुखार से प्रभावित गांवों में पेयजल की व्यवस्था दुरुस्त करें। लगातार नलों में पीले पानी की शिकायतें मिल रहीं है। उन्होंने लोगों से पीला पानी न पीने को कहा है।