सीतापुर। कूटरचित दस्तावेजों के जरिये परिषदीय स्कूलों में नियुक्ति पाने वाले तीन शिक्षक पकड़े गए हैं। इनमें से एक सकरन व दो महोली ब्लॉक में तैनात थे। 12,460 शिक्षक भर्ती के तहत इनका चयन हुआ था। गोपनीय सूचना के बाद तीनों के शैक्षिक अभिलेखोें का सत्यापन कराया गया। जांच में तीनों के अभिलेख फर्जी निकले। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि सत्यापन में फेल होेने पर कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले तीनों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करा दी गई है।
12,460 शिक्षक भर्ती के तहत अलीगढ़ जिले के इगलास थानाक्षेत्र के मई सुभाष गांव निवासी सुनील कुमार की सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति हुई थी। एक जुलाई 2024 को वह सकरन के प्राथमिक विद्यालय बिलरिया में तैनात हुआ। एबीएसए सकरन ओंकार सिंह के अनुसार गोपनीय शिकायतों के आधार पर सुनील के यूपी टीईटी प्रमाणपत्र की जांच कराई गई। परीक्षा नियामक प्राधिकारी प्रयागराज ने जांच रिपोर्ट दी कि टीईटी प्रमाणपत्र फर्जी है। सुनील कुमार की ओर से विभाग को दिए गए आरक्षण संबंधी प्रमाणपत्र, निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र व अन्य दस्तावेज भी कूटरचित पाए गए। उन्हें 25 नवंबर, 30 दिसंबर व 7 फरवरी 2025 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया लेकिन कोई उत्तर नहीं दिया। इसके बाद सुनील के खिलाफ केस दर्ज कराया गया।
उधर, महोली के खंड शिक्षा अधिकारी वीरेंद्र कुमार के अनुसार कंपोजिट विद्यालय बगचन में 12,460 शिक्षक भर्ती के तहत मैनपुरी के मोहल्ला अग्रवाल न्यू बस्ती निवासी बबलू यादव की नियुक्ति हुई थी। बबलू ने गोरखपुर में तैनात एक शिक्षक के दस्तावेजों को कूटरचना कर अपने नाम परिवर्तित करवा लिया था। इन अभिलेखों के आधार पर नियुक्ति ली थी।
महोली के प्राथमिक विद्यालय जमुनहा में तैनात लखनऊ के न्यू शांति विहार, आम्रपाली राय रायबरेली रोड निवासी अभिषेक कुमार को तैनाती मिली। अभिषेक ने बाराबंकी में तैनात एक शिक्षक के दस्तावेजों में छेड़छाड़ कर अपना नाम जोड़ लिया। इसके बाद नियुक्ति हासिल की। इन दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। बीएसए ने बताया कि अलीगढ़ निवासी सुनील कुमार के खिलाफ सकरन थाने में व बबलू यादव व अभिषेक के खिलाफ महोली कोतवाली में दर्ज करा दिया गया है।
एक बड़े मास्टरमाइंड के सक्रिय का इनपुट
जांच कर रही एसटीएफ को पूर्व में सीतापुर में किसी मास्टरमाइंड के सक्रिय होने के इनपुट मिले थे। यह मास्टरमाइंड सुनियोजित ढंग से लोगों को नौकरी दिलवाता है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह ने बताया कि गोपनीय शिकायतों पर जांच के बाद कार्रवाई की गई है। ऐसी सभी सूचनाओं पर तत्परता से जांच करवाकर एफआईआर दर्ज करवाई गई है।