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Sitapur News: खीरी से पहुंचे बाघ ने युवक काे बनाया था निवाला

Sat, 23 Aug 2025 11:18 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सीतापुर
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बाघ को पकड़ने के लिए पहुंची ट्रैक्टर जाली।
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सीतापुर। महोली के नरनी निवासी सौरभ उर्फ रवि दीक्षित (22) को ट्रांजिट बाघ ने शुक्रवार रात निवाला बनाया था। शनिवार को डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने प्राथमिक जांच और साक्ष्यों के आधार पर बताया कि बाघ महोली क्षेत्र में स्थाई रूप से नहीं रहता है। वह खीरी से कठिना नदी के किनारे होते हुए नरनी तक पहुंचा है। वन विभाग की चार टीमों के 16 सदस्य बाघ की तलाश में जुटे हैं। इनका नेतृत्व डीएफओ नवीन खंडेलवाल के साथ ही दुधवा के बायोलॉजिस्ट डॉ. दयाशंकर कर रहे हैं। मचान बनाकर निगरानी शुरू कर दी गई है।
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नरनी में शनिवार दोपहर तक ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए वनकर्मी पहुंचने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इस सबके बीच डीएफओ ने दावा किया कि शनिवार सुबह घटनास्थल का निरीक्षण किया है। दोपहर में दुधवा से बायोलॉजिस्ट डॉ. दयाशंकर डीएफओ कार्यालय पहुंचे। उनके साथ पीलीभीत के दो अनुभवी वाचर भी हैं।

10 ट्रैप कैमरे और एक नाइट विजन ड्रोन की ले रहे मदद
डीएफओ ने बताया कि बाघ के रेस्क्यू के लिए दो पिंजरे, चार ट्रैंकुलाइजर गन, दस ट्रैप कैमरे, एक नॉर्मल ड्रोन के साथ एक इंफ्रा रेड नाइट विजन ड्रोन दुधवा से मंगवाए गए हैं। विशेष रूप से तैयार पिंजरा युक्त ट्रैक्टर को भी अभियान में शामिल किया गया है। घटनास्थल बाघ के लिए अनुकूल है। खेतों में बारिश का पानी उपलब्ध है। ऊंची-नीची जमीन और घना गन्ना रेस्क्यू ऑपरेशन की जटिलता बढ़ा सकता है।
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खीरी पीलीभीत रेंज में बढ़ा बाघ का कुनबा, तो सीतापुर बना ठिकाना
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार खीरी पीलीभीत रेंज में 170 बाघ विचरण कर रहे हैं। करीब 10 से 20 वर्ग किलोमीटर में एक बाघ मौजूद है। इस रेंज में बाघों का कुनबा बढ़ने के कारण ही भौगोलिक दृष्टि से निकटतम व संरचनात्मक दृष्टि से अनुकूल वातावरण के कारण बाघों ने सीतापुर में ठिकाना बनाया है। विभाग का दावा है कि सोशल मीडिया पर सीतापुर में पांच बाघों के घूमने की चर्चा गलत है। डीएफओ ने सिर्फ दो बाघों की मौजूदगी को स्वीकारा। दोनों बाघ नदी के किनारे से आते-जाते हैं। दोनों ही स्थाई नहीं हैं।

तो अभी आदमखोर घोषित नहीं होगा बाघ
डीएफओ नवीन खंडेलवाल ने बताया कि बाघ को अभी आदमखोर घोषित करना उचित नहीं होगा। वन विभाग के नियमों के अनुसार अगर कोई बाघ एक सप्ताह में ही दो से तीन बार मानव का शिकार करे, तभी उसे आदमखोर घोषित किया जा सकता है। इस प्रक्रिया के तहत प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य जीव प्रतिपालक बाघ को आदमखोर घोषित करते हैं। इस प्रकरण में बाघ ने अब तक सिर्फ एक ही युवक को निवाला बनाया है, इसलिए उसे आदमखोर नहीं घोषित किया जा सकता।


पोस्टमार्टम रिपोर्ट : बाघ ने सबसे पहले सौरभ की गर्दन दबोची
नरनी निवासी सौरभ उर्फ रवि को बाघ ने शुक्रवार रात निवाला बनाया था। शनिवार को उनका पोस्टमार्टम हुआ। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार बाघ ने सबसे पहले सौरभ की गर्दन पर हमला किया। उसके जबड़े का दबाव इतना था कि सौरभ चिल्ला भी नहीं पाए। स्पाइनल कॉर्ड कट गई। गर्दन को दबाने के बाद बाघ ने पंजे से सिर पर प्रहार किया। पंजा लगते ही सिर के बाएं हिस्से में गड्ढा हो गया। इसके बाद सौरभ की मौके पर ही मौत हो गई।

यह है ट्रांजिट बाघ
डीएफओ के अनुसार ऐसे बाघ जो किसी बाघ अभयारण्य या संरक्षित क्षेत्र से बाहर निकलकर नए क्षेत्र में चले गए हों उन्हें ट्रांजिट बाघ कहते हैं। बाघ ऐसा मुख्य रूप से भोजन की तलाश, नए आवास की खोज व बेहतर प्रजनन के अवसरों के लिए करते हैं। जनसंख्या घनत्व में वृद्धि भी इसका मुख्य कारण है। बाघ अपनी जगह बनाने के लिए दूसरे बाघों से संघर्ष भी करते हैं। इनमें जो हार जाते हैं, वे नए ठिकाने की तलाश में निकल जाते हैं। सीतापुर पहुंचा बाघ ऐसा ही है।

ताऊ ने किया अंतिम संस्कार
सौरभ का अंतिम संस्कार शनिवार को नरनी गांव में ही हुआ। ताऊ सुरेश उर्फ पप्पू ने मुखाग्नि दी। सुरेश का विवाह नहीं हुआ था। ऐसे में सौरभ उनके पास रहकर उनकी देखभाल करते थे। एसडीएम महोली देवेंद्र मिश्र ने बताया कि दैवीय आपदा कोष से आश्रितों को चार लाख और वन विभाग की ओर से एक लाख रुपये सहायता राशि दी जाएगी।

डीएफओ को देखकर भड़के ग्रामीण
शनिवार दोपहर तीन बजे महोली विधायक शशांक त्रिवेदी गांव पहुंचे। शाम चार बजे डीएफओ नवीन खंडेलवाल मौके पर पहुंचे। इसके बाद ग्रामीणों ने हंगामा शुरू कर दिया। विधायक ने किसी तरह से ग्रामीणों को समझाया। डीएफओ ने कहा कि जनहानि एक दुखद घटना है। हम जल्द से जल्द बाघ को पकड़ लेंगे।

शनिवार शाम बाघ को देखने का दावा
शनिवार शाम पांच बजे कुछ ग्रामीणों ने बाघ को एक स्कूल के पास देखने का दावा किया। इस पर वन विभाग की टीम ने ड्रोन उड़ाकर जांच की। कैमरे में एक भैंस व मोर कैद हुआ। करीब दस मिनट तक अधिकारी ड्रोन उड़ाते रहे। शाम साढ़े पांच बजे डीएफओ ने जाली वाले ट्रैक्टर पर विशेषज्ञों के साथ बैठकर घटनास्थल की जांच की। अभी तक टीम को पगचिह्न नहीं मिल पाए हैं। शाम छह बजे मचान व ट्रैप कैमरे लगाने का स्थान चिह्नित किया गया। डीएफओ ने बताया कि नवनिर्मित स्वास्थ्य केंद्र में टीम को रोका गया। टीम मचान बनाएगी व निगरानी करेगी।



विधायक ने मृतक आश्रित के लिए मांगी नौकरी
विधायक शशांक त्रिवेदी ने बताया कि डीएफओ से बात हुई है। वन विभाग में मृतक के किसी एक आश्रित को संविदा पर नौकरी दी जाएगी। रात में गश्त करने वाले जिम्मेदार पर निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
डीएफओ अब तक पकड़ चुके हैं 12 बाघ

डीएफओ नवीन खंडेलवाल के पास दुधवा बफर जोन का भी प्रभार है। वह पीलीभीत टाइगर रिजर्व में भी तैनात रह चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब तक 12 बाघ पकड़ चुके हैं। इस बाघ के पैटर्न को ट्रैक कर रहे हैं। जल्द ही इसे भी पकड़ लेंगे।

ग्रामीण बोले, बेहद नृशंस तरीके से बाघ ने किया था हमला

सौरभ के पिता ने हमें फोन किया। बताया कि सौरभ की साइकिल खेत में मिली है। जल्दी खेत की ओर आओ। हम मौके पर गए तो खून के छींटे दिखे। आगे बढ़े तो सौरभ के बाल दिखे। बाल के बाद पैर मिला।
- रामू दीक्षित, नरनी


चार साल से बाघ की दहशत है। जिम्मेदार उसे पकड़ नहीं पा रहे हैं। घटना से सभी सहमे हुए हैं। किसान जीवन और मौत से लड़ रहा है। आखिर हम क्या करें। प्रशासन से गुहार है कि वह जल्दी बाघ को पकड़वाए।
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-नीरज दीक्षित, नरनी

नरनी की घटना हृदयविदारक है। प्रशासनिक अधिकारी मौके पर समय से नहीं आए। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। बाघ को तुरंत पकड़ा जाना चाहिए।
- महेश गुप्ता, महोली
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