महमूदाबाद। गोड़ैचा चौराहे पर लकड़ी मंडी को लेकर सेवता के भाजपा विधायक ज्ञान तिवारी और सपा के पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह वर्मा के बीच शुरू हुई सियासी तकरार अब सड़क तक पहुंच गई है। सोमवार शाम बाईपास मोड़ पर किसान सर्वजीत कौर के नाम से सड़क को निजी भूमि बताते हुए बोर्ड लगाया गया। मंगलवार को पीडब्ल्यूडी और राजस्व विभाग की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंची और बोर्ड पर पुताई करा दी।
विवाद की शुरुआत दो अक्तूबर को हुई। सेवता विधायक ज्ञान तिवारी महमूदाबाद से रामपुर मथुरा जा रहे थे। गोड़ैचा बाईपास पर सड़क पर लकड़ी लदे वाहन खड़े होने से जाम लगा था। विधायक ने अधिकारियों को फोन कर सड़क पर खड़े वाहनों के खिलाफ कार्रवाई और लकड़ी मंडी की जांच के निर्देश दिए। उन्होंने जाम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।
इसके अगले दिन पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह वर्मा मौके पर पहुंचे और सोशल मीडिया लाइव में विधायक पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यह आम रास्ता नहीं है। सड़क किसान सर्वजीत कौर की गाटा संख्या 469 में दर्ज निजी भूमि पर बनी है और भूमि का मुआवजा नहीं दिया गया है।
विधायक ज्ञान तिवारी ने जवाब में कहा कि बाईपास का निर्माण वर्ष 2014-15 में सपा सरकार के कार्यकाल में हुआ था। उस समय नरेंद्र वर्मा विधायक थे। उन्होंने सवाल उठाया कि निर्माण के दौरान किसान को मुआवजा क्यों नहीं दिलाया गया।
इसके बाद सोमवार शाम बाईपास मोड़ पर सर्वजीत कौर के नाम से बोर्ड लगाया गया। इसमें सड़क को सरकारी आम रास्ता नहीं बताते हुए निजी भूमि बताया गया था। मंगलवार को प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर बोर्ड पर पुताई करा दी।
पीडब्ल्यूडी के एई असीम यादव ने बताया कि राजस्व और पुलिस टीम की मौजूदगी में लगाए गए बोर्ड को मिटा दिया गया है।