सीतापुर। शहरवासियों की सुरक्षा से जुड़ी अच्छी खबर है। अब आपको डरने और घबराने की कतई जरूरत नहीं है। आप अपने घरों से बेफिक्र होकर निकलिए। जी हां, आपकी सुरक्षा का ख्याल रखते हुए शहर कोतवाली पुलिस ने पूरे शहर में अपने ‘पहरेदार’ आपकी हिफाजत के लिए लगा दिए हैं।
ये पहरेदार आपके लिए लड़ाई तो नहीं लड़ेंगे लेकिन आपके साथ वारदात करने वाला किसी भी कीमत पर बच भी नहीं पाएगा। अपने पहरेदार के जरिये पुलिस अपराधी के गिरेबां तक आसानी से पहुंच सकेगी। इसी मंशा से पूरे शहर को सीसीटीवी कैमरे से लैस कर सुरक्षा-व्यवस्था का मजबूत खाका खींचा गया है।
कोतवाल टीपी सिंह ने शहर में सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछवाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखा कि अगर कोई वारदात हो तो अपराधी किसी भी रास्ते से तीसरी आंख से बचकर न निकल सके। शहर में एंट्री करने वाले हर प्वाइंट पर तीसरी आंख का पहरा लगाया गया है। पुलिस के ये नए पहरेदार शहरवासियों के लिए मददगार भी बनेंगे।
सुरक्षा व्यवस्था को हाईटेक करते हुए कोतवाल टीपी सिंह ने शहर के चारों ओर सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। वैदेही वाटिका से कैप्टन मनोज पांडेय चौक तक, बहुगुणा से लेकर पुराने सीतापुर तक के दायरे को सीसीटीवी की निगहबानी में करते हुए सुरक्षा का दायरा बढ़ाकर शहर वासियों को सुरक्षित माहौल देने की कोशिश पुलिस की ओर से की गई है। अफसरों को उम्मीद है कि इससे पुलिसिंग और बेहतर होगी।
सुरक्षा की दृष्टि शहरी इलाके सबसे संवेदनशील माने जाते हैं। पूरे जिले के लोग अपने काम के सिलसिले में शहर आते हैं, इससे सुबह होते ही शहर की सड़कें भीड़ बढ़ने से सिकुड़ने लगती हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था को मुकम्मल रखना शहर कोतवाल के सामने सबसे बड़ी चुनौती होती है।
मैन पावर की कमी की वजह से शहर में हर जगह पर पुलिस तैनात नहीं की जा सकती लेकिन लोगों की सुरक्षा की गारंटी तो पुलिस के ही कंधों पर है। दो जिला अस्पताल हैं। बस स्टॉप व रेलवे स्टेशन भी है। शहर की हृदयस्थली कहे जाने वाले लालबाग चौराहे के सामने ही न्यायालय है। बाइक चोरी व लूट की घटनाएं भी होने की आशंका रहती है।
सीसीटीवी कैमरे पुलिस के पहरेदार कहे जाते हैं। वारदात होने के बाद पुलिस सबसे पहले कैमरे की रिकॉर्डिंग खंगालती है। इसी को लेकर पुलिस ने पूरे शहर को कैमरे से लैस किया है। लालबाग और रोडवेज पर कैमरे पहले से लगे थे।
शहर कोतवाल टीपी सिंह ने बताया कि वैदेही वाटिका के पास आठ, बहुगुणा चौराहा के पास छह, ग्रीकगंज के पास चार, ट्रांसपोर्ट के पास छह, कैंची पुल के पास छह व गल्ला मंडी चौकी के पास आठ कैमरे लगाए हैं। इसी तरह कजियारा और कोट चौराहे पर कैमरे लगाए गए हैं। रोडवेज और लालबाग के पास पहले से कैमरे लगे थे लेकिन अब इनकी संख्या बढ़ाई गई है। रोडवेज पर सात और लालबाग चौराहे पर आठ कैमरे लगे हैं।
शहर के चप्पे-चप्पे पर लगाए गए सभी सीसीटीवी कैमरे नाइट विजन के हैं। जानकार बताते हैं कि ये कैमरे दिन तो काम करेंगे ही लेकिन अगर रात में भी घटना या हादसा होता है तो 50 से 80 मीटर तक के दायरे की घटना को कैद कर सकेंगे। इससे अपराध करने वालों की गिरफ्तारी में आसानी होगी।
शहर में लगाए गए सीसीटीवी कैमरे बेहतर क्वालिटी के हैं। बताते हैं कि अच्छी क्वालिटी के लगे सीसीटीवी कैमरे की रिकॉर्डिंग दो महीने तक सुरक्षित रहेगी। ऐसे में अगर पुलिस को दो माह पहले की कोई रिकॉर्डिंग खंगालनी होगी तो वह आसानी से मिल जाएगी।
शहर में कैमरे लगने से पुलिस को भी बड़ी राहत मिलेगी। बानगी के तौर पर दो दिन पहले पुराने सीतापुर का एक 22 साल का युवक घर से लापता हो गया। कोतवाली पहुंचे परिवारीजनों ने बताया कि वह मैच खेलने आर्मी ग्राडंड गया था। अब उसका मोबाइल नंबर बंद हैं।
कोतवाल टीपी सिंह ने परिवारीजनों को रोडवेज पर ले जाकर कैमरे की रिकॉर्डिंग खंगलवाई जिसमें युवक पिट्ठू बैग ले जाते हुए दिखा। इससे पता चला कि युवक के साथ कोई अनहोनी नहीं हुई बल्कि वह कहीं गया है।
शहर कोतवाल टीपी सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को और हाईटेक करने के लिए पूरे शहर में सीसीटीवी कैमरे लगवाए गए हैं। कजियारा और कोट में बड़े राउंडेड कैमरे लगाए गए हैं। ये काफी दूर तक की रिकॉर्डिंग कर सकेंगे। कुछ प्वाइंटों पर जल्द ही और कैमरे लगाए जाएंगे। हर जरूरी प्वाइंट पर कैमरे लगने से पुलिस को आसानी रहेगी। शहर के लोगों को भी बड़ी मदद मिलेगी।