सीतापुर। पेंशन के लिए बुजुर्गों को जिम्मेदारों के चक्कर न लगाने पड़े, इसके लिए इस योजना को पारदर्शी व सरल बनाया गया है। अब पात्र बुजुर्गों की पहचान और सत्यापन फैमिली आईडी से स्वत: हो जाएगी। इससे पेंशन बिना देरी सीधे लाभार्थी के खाते में पहुंचेगी।
समाज कल्याण विभाग बुजुर्गों को पेंशन देता है। नई व्यवस्था के तहत अब 60 साल या इससे अधिक आयु के बुजुर्गों को पेंशन के लिए आवेदन करने की जरूरत नहीं होगी। फैमिली आईडी की आयु और परिवार के ब्योरे से स्वत: पता चल जाएगा कि कौन पेंशन के लिए पात्र है। जो लोग अगले 90 दिनों में 60 साल पूरे करने वाले हैं, उनके नाम भी सिस्टम में खुद जुड़ जाएंगे। इसके लिए लाभार्थियों की सहमति मोबाइल एसएमएस, व्हाट्सएप या फोन कॉल से लेकर पेंशन की स्वीकृति और डीबीटी के जरिये भुगतान करने की जिम्मेदारी संबंधित अफसरों की होगी। वर्तमान में जिले में 61,182 बुजुर्गों को पेंशन मिल रही है, जबकि तकरीबन 34 हजार लाभार्थी पात्र पाए गए हैं।
पेंशन स्वीकृति और भुगतान की रहेगी यह व्यवस्था
बुजुर्ग पेंशन की नई व्यवस्था के तहत स्वचालित चिह्नीकरण, आवेदन व सहमति लेने के बाद योजना अधिकारी द्वारा पात्रता की पुष्टि के अनुरूप 15 दिन में डिजिटल सिग्नेचर से स्वीकृति दे दी जाएगी। स्वीकृति पत्र लाभार्थी को डाक द्वारा भेजा जाएगा। भुगतान बुजुर्गों के आधार से जुड़े बैंक खाते में होगा। साथ ही प्रत्येक भुगतान की सूचना एसएमएस से दी जाएगी। लाभार्थियों के लिए एक एप बनाया जाएगा, जिसमें पासबुक की तरह भुगतान का विवरण होगा।
अनियमितता रोकने के लिए होगी यह कार्रवाई
नई व्यवस्था में अनियमितता रोकने की व्यवस्था की गई है। इसके तहत वार्षिक जीवित प्रमाणपत्र ग्राम पंचायत सहायक या कॉमन सर्विस सेंटर पर बायोमीट्रिक प्रणाली से जीवित प्रमाणपत्र जारी होंगे। इसमें डोर टू डोर व्यवस्था भी उपलब्ध होगी। यह व्यवस्था सरकारी कर्मियों की पेंशन में प्रयोग हो रही जीवन प्रमाणपत्र प्रणाली के समान होगी। डाटा विश्लेषण द्वारा संदेह सूची बनाई जाएगी और उनका भौतिक सत्यापन कराया जाएगा। अनियमितता रोकने के लिए विभाग डाटा विश्लेषण, गुणवत्ता नियंत्रण, शिकायतों को गंभीरता से लेने जैसे काम करेगा, ताकि दुरुपयोग को रोका जा सके। पहले चरण में पांच जिलों में योजना की शुरुआत की जाएगी। इसमें सफल क्रियान्वयन के बाद योजना काे अंतिम रूप दिया जाएगा और प्रदेश भर में लागू किया जाएगा। जिला समाज कल्याण अधिकारी मोती लाल यादव ने बताया कि इस संबंध में शासन की ओर से आदेश जारी किया गया है। इसी के अनुरूप कार्रवाई की जाएगी।