सीतापुर। पीएम किसान सम्मन निधि पाने वाले सभी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री जरूरी है। खेती-किसानी से संबंधित शासकीय लाभ पाने के लिए भी इसे जरूरी बनाया गया है। ऐसे में जिन किसानों ने अभी तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है वे कृषि, राजस्व विभाग से संपर्क कर या जन सुविधा केंद्र से भी यह काम करा सकते हैं। जिले में यह कार्य तेजी से चल रहा है। 78.82 फीसदी किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बन गई है। इससे सीतापुर प्रदेश में इस कार्य में तीसरे स्थान पर है। अगली किसान सम्मान निधि उन्हीं किसानों के खातों में भेजी जाएगी, जिनकी फार्मर रजिस्ट्री होगी।
जिले में 5,31,064 सत्यापित किसान हैं। इसके सापेक्ष 4,53,467 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री हो गई है। 18,359 किसानों की फार्मर रजिस्ट्री अनुमोदन के लिए पेंडिंग हैं। इससे प्रदेश में सीतापुर तीसरे स्थान पर है। बस्ती जिले में 79.85 फीसदी कार्य पूरा होने से उसका पहला स्थान है, जबकि गाजियाबाद 79.65 फीसदी कार्य के साथ दूसरे स्थान पर है। उप कृषि निदेशक डाॅ. एसके सिंह ने किसानों से जल्द से जल्द फार्मर रजिस्ट्री कराने को कहा है।
फार्मर रजिस्ट्री से ये होंगे लाभ
फार्मर रजिस्ट्री कराने से संबंधित किसान की डिजिटल पहचान बनेगी। विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ बिना सत्यापन के प्राप्त होगा। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर कृषि उत्पादों की बिक्री में सरलीकरण की सुविधा मिलेगी। फसलों के नुकसान होने पर मुआवजा मिलेगा। जिन किसानों की फार्मर रजिस्ट्री बन गई है, उन्हें डिजिटल कार्ड दिया जाएगा।