सीतापुर। विश्व विख्यात धर्म नगरी नैमिषारण्य की धरती पर आदि गंगा गोमती के किनारे बनाए गए ग्लोबल रिसॉर्ट से निकलने वाले गंदे नाले से गोमती व पर्यावरण को नुकसान होने का हवाला देते हुए मिश्रिख सांसद अशोक कुमार रावत ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण भारत सरकार को पत्र भेजा है। पत्र में बिना एनओसी के हुए निर्माण अन्य बिंदुओं की जांच कराने के साथ ही रिसॉर्ट के साथ ध्वस्तीकरण की मांग की गई है। मिश्रिख सांसद अशोक कुमार रावत ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण भारत सरकार के चेयरमैन को भेजे गए पत्र में बताया है कि लोकसभा क्षेत्र मिश्रिख की विधानसभा में नैमिषारण्य तीर्थ के पास से निकलने वाली पवित्र गोमती नदी के तटबंध पर अवैध रूप से कब्जा कर सैकड़ों बीघा जमीन में ग्लोबल रिसॉर्ट व दा रिवर केस्टल द्वारा गयावार रोड नैमिषारण्य के समीप नदी किनारे निर्माण करा लिया गया है। रिसॉर्ट द्वारा इसके लिए किसी भी तरह की कोई एनओसी नहीं ली गई।
सांसद ने कहा है कि रिसॉर्ट द्वारा भविष्य में प्रदूषित व मलयुक्त पानी को गोमती नदी में प्रवाहित किया जाएगा। नैमिषारण्य तीर्थ के साधु-संतों व आसपास के आम जनमानस में इस अवैध रूप से निर्मित रिसाॅर्ट को लेकर गहरा आक्रोश है। रिसाॅर्ट प्रबंधन द्वारा धार्मिक भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई गई है। नदी के तटबंध पर इस तरह बिना एनओसी निर्माण पर स्थानीय पर्यावरणविदों ने नाराजगी जताई है। संवाद