खैराबाद (सीतापुर)। तेंदुए के पगचिह्न फिर मिलने के बाद जागे जिम्मेदारों ने क्षेत्र में लगे दो कैमरों के स्थानों को बदल दिया है। हालांकि जलभराव के कारण अभी पिंजरे की लोकेशन नहीं बदल सकी है। ग्रामीणों में तेंदुए का खौफ है।
सोमवार को भवानीपुर क्षेत्र के जंगल से लगभग 800 मीटर दूर रसूलापुर और सधुवापुर गांव के बीच तेंदुए के पगचिह्न मिले थे। जंगल से निकलकर वह पानी पीने के लिए नदी की तरफ गया हुआ था। दोनों ओर पगचिह्न थे।
उसको कैमरे में कैद करने के लिए वनविभाग ने पहले से लगे कैमरे को हटाकर अब दूसरी जगह लगा दिया है। मंगलवार शाम लोकेशन को बदला गया है। वहीं अभी जलभराव के कारण पिंजरे की लोकेशन नहीं बदल सकी है।
टीम के मुताबिक अभी जहां पर पिंजरा लगाया गया है। वहां से करीब 800 मीटर की दूरी पर पिंजरा लगना था, लेकिन जलभराव की वजह से पिंजरे की जगह बदल नहीं सकी है। लगभग एक माह से क्षेत्र के ग्रामीणों में तेंदुए का खौफ है। जिसकी वजह से किसानों को अपने खेतों में जाने की मनाही है।
कैमरे में कैद होगा तेंदुआ
कैमरे की लोकेशन चेंज कर दी गई है। उम्मीद है कि तेंदुआ कैमरे में कैद होगा। उसका जल्द ही पता लग जाएगा।
- अभिषेक रंजन पांडेय, डिप्टी वन रेंजर