सिधौली। कस्बे के पड़ाव मैदान में 13 से 19 अक्तूबर तक आयोजित सात दिवसीय रामकथा का शुभारंभ मंगलवार को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। पूरा कस्बा रामनाम के जयकारों से गूंज उठा। कथा प्रवाचक शांतनु महाराज ने रामकथा का शुभारंभ करते हुए श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम की महिमा और उनके आदर्शों का संदेश दिया। कहा, गोस्वामी तुलसीदास ने भगवान राम की लीलाओं के गायन, श्रवण और स्मरण को मन के विकार दूर करने का माध्यम बताया है।
कलश यात्रा कस्बे के मिश्रिख मार्ग स्थित चिंताहरण शिव मंदिर से निकाली गई। पीत वस्त्र धारण किए श्रद्धालुओं ने क्षेत्रीय भाजपा विधायक मनीष रावत और उनकी पत्नी के साथ सिर पर कलश रखकर यात्रा में सहभागिता की। श्रद्धालु रामनाम का जप करते हुए विभिन्न मार्गों से होते हुए पड़ाव मैदान पहुंचे। यहां आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से कलश स्थापित कराए।
धार्मिक अनुष्ठान के बाद रामकथा का शुभारंभ हुआ। शांतनु महाराज ने कहा कि रामनाम की महिमा अपरंपार है। इसे शब्दों में बांधकर सीमित नहीं किया जा सकता। रामकथा जितनी बार सुनी जाती है, हर बार एक नई अनुभूति होती है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर ही समाज सच्चे अर्थों में रामराज्य की स्थापना की दिशा में आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने कहा कि भगवान की कथा सुनने के लिए श्रद्धा और विश्वास दोनों आवश्यक हैं। इनके बिना कथा का वास्तविक मर्म समझना कठिन है। कथा के दौरान शांतनु महाराज ने सती परीक्षा का प्रसंग सुनाया। इसके बाद शिव बरात की कथा सुनकर श्रोता भाव विभोर हो उठे।
इस मौके पर नगर पंचायत अध्यक्ष गंगाराम राजपूत, राकेश पांडेय, अनूप श्रीवास्तव, सर्वेश श्रीवास्तव, अनिल चौरसिया, विनोद पांडेय, जितेंद्र शुक्ल, सभासद मुन्नन शुक्ल, मनीष जायसवाल, झुर्री गुप्ता, दिरबेश शुक्ल, विमल शुक्ल, पंकज मिश्र, आचार्य मनीष पांडेय और कमलकांत रस्तोगी मौजूद रहे।