बिसवां। लहरपुर मार्ग पर पांच दिसंबर को एक युवक का काली पन्नी में लिपटा शव मिला था। पुलिस की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। युवक लखनऊ में मजदूरी करता था। वहां एक बेसमेंट की खोदाई के दौरान हुए हादसे का शिकार बना था। बिल्डर, ठेकेदार व उनके मुनीम ने राज खुलने के डर से शव को काली पन्नी में लपेट कर ठिकाने लगाया था। तीनों शव को सीतापुर जिले में फेंक गए थे। पुलिस तीनों आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर, उनकी तलाश में जुटी है।
बहराइच के मोतीपुर थाना क्षेत्र के लोधन पैरूआ गांव निवासी दामोदर (30) लखनऊ के कैसरबाग में बिल्डर विजय गुप्ता की साइट पर काम करते थे। साथ में बड़े भाई भोलेनाथ भी मजदूरी करते थे। दामोदर की पत्नी संगीता देवी के अनुसार 4 दिसंबर को सुबह साढ़े आठ बजे उनके पति दामोदर अपने भाई भोलेनाथ के साथ कमरे से खाना खाकर काम पर गए थे। भोलेनाथ शाम 5 बजे काम करके वापस लौट आए लेकिन रात 8 बजे तक दामोदर वापस नहीं आए। इस पर उन्होंने बड़े भाई भोलेनाथ को फोन कर इसकी जानकारी दी।
संगीता ने बताया कि वह भी दामोदर को फोन कर रही हैं, लेकिन उनका फोन नहीं लग रहा है। इसके बाद पांच दिसंबर को दोपहर ढाई बजे संगीता देवी को पुलिस से जानकारी मिली कि उनके पति का शव बिसवां में काली पन्नी में नहर किनारे लिपटा मिला है। इस पर संगीता ने अपने जेठ भोलेनाथ को फोन कर पूरी बात बताई। भोलेनाथ जब साइट पर गए तो वहां काम बंद मिला।
जेठ ने मौके पर पहुंचकर जब पूछताछ की तो पता चला कि छोटा भाई दामोदर साइट पर काम कर रहा था। इस दौरान बेसमेंट की खोदाई का काम चल रहा था। बिल्डर व ठेकेदार ने बिना सुरक्षा उपकरणों के दामोदर को इस काम पर लगा रखा था। इस दौरान अचानक मिट्टी ढहने से दामोदर मलबे में दब गये। किसी ने दामोदर का इलाज नहीं कराया, परिजनों को भी जानकारी नहीं दी। पत्नी संगीता के अनुसार बिल्डर, ठेकेदार व मुनीम की लापरवाही से ही दामोदर की जान गई।
आरोप है कि दामोदर की मौत के बाद तीनों ने मिलकर बिसवां में नहर किनारे झाड़ियों में शव को फेंक दिया था। पत्नी संगीता देवी की तहरीर प पुलिस को बिल्डर विजय गुप्ता, ठेकेदार अलीम और अच्छेलाल के विरुद्ध तहरीर देकर एफआईआर दर्ज कर, उनकी तलाश शुरू कर दी है।
इनसेट
शव फेंकने के साथ मिटाए साक्ष्य
इंस्पेक्टर मुकुल प्रकाश वर्मा ने बताया कि पत्नी की तहरीर पर केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है। इस पूरे मामले में पुलिस घटनास्थल से लेकर शव को फेंकने के स्थान तक के संभावित सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। फिलहाल अभी किसी की भी गिरफ्तारी नहीं की गई है।