मिश्रिख (सीतापुर)। इलाके के इस्लामनगर गांव में एक शादी उस वक्त टूट गई जब फेरे से ठीक पहले गहनों को लेकर विवाद खड़ा हो गया। वधू पक्ष ने जेवर पुराने और वजन कम होने का आरोप लगाते हुए बरात लौटा दी।
लखीमपुर खीरी जिले के मैगलगंज कोतवाली क्षेत्र के लिधियाई गांव निवासी मंजेश की शादी इस्लामनगर की रेशमा से तय थी। बृहस्पतिवार को धूमधाम से बरात पहुंची। द्वारपूजन, जयमाला और अन्य रस्में हंसी-खुशी संपन्न हुईं। शुक्रवार तड़के फेरे होने थे, तभी चढ़ावे में आए जेवरों को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, झुमके पुराने बताए गए और कमर बिछुआ का वजन कम होने पर महिलाओं ने आपत्ति जता दी। बात बढ़ते-बढ़ते इतनी आगे बढ़ी कि वधू पक्ष ने साफ तौर पर बरात वापस ले जाने को कह दिया। वर पक्ष ने काफी देर तक मान-मनौवल की, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
मामला कोतवाली तक पहुंचा। पुलिस ने भी दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया, मगर वधू पक्ष की मां और भाई निर्णय पर अड़े रहे। अंततः शाम को बरात बिना दुल्हन के लौट गई। इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि उपनिरीक्षक शिवकुमार यादव ने काफी देर तक समझौते की कोशिश की, लेकिन सहमति नहीं बन सकी। वर पक्ष की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।