सीतापुर। दुष्कर्म और आत्महत्या के लिए उकसाने के एक मामले में कोर्ट ने अभियुक्त को दोषी ठहराते हुए दस साल की सजा सुनाई है। मछरेहटा के गांव भारासेनी निवासी शत्रोहनलाल पर आरोप था कि उसने एक विवाहिता के घर में घुसकर छेड़छाड़ कर दुष्कर्म किया।
क्षुब्ध होकर पीड़िता ने आत्महत्या कर ली थी। मामले की सुनवाई न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश (एफटीसी) में चल रही थी। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर शत्रोहन को दोषी पाया। कोर्ट ने उसे 10 साल के कारावास की सजा दी। साथ ही 27 हजार का अर्थदंड लगाया।
महिला की मौत के दोषी मां-बेटे को पांच साल की सजा
सीतापुर। जमीन के विवाद में महिला को पीटकर मार डालने के मामले में दोषसिद्ध होने पर कोर्ट ने मां-बेटे को पांच साल की सजा सुनाई है। मानपुर के गांव बिरैंचा रामश्री और उसके पुत्र ज्ञानी सिंह पर आरोप था कि दोनों ने अपने घर के सामने बैठी महिला पर बांके से प्रहार किया था। इस कारण उसकी मौत हो गई थी। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी कोर्ट मोहम्मद शफीक कर रहे थे। कोर्ट ने मां-बेटे को दोषी पाते हुए पांच साल के कठोर कारावास के साथ 34 हजार का अर्थदंड लगाया है।