खाद्य की दुकान पर जांच करते अधिकारी।
सीतापुर। जिले में खाद की आवक व वितरण की व्यवस्था बेहतर बनाने के लिए बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी अभिषेक आनंद की अगुवाई में अफसरों की गठित छह टीमों ने 73 खाद प्रतिष्ठानों की गहन जांच पड़ताल की। इस दौरान लखनऊ से आए कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक ने भी दुकानों में माैजूद स्टॉक व बिक्री से जुड़े अभिलेखों को जांचा। इस दौरान बिक्री में गड़बड़ी मिलने पर दो दुकानों का बिक्री लाइसेंस निलंबित करने की कार्रवाई की गई।
जिलाधिकारी अभिषेक आनंद ने उप कृषि निदेशक डाॅ एस के सिंह के साथ टीम ने सदर के थोक उर्वरक विक्रेता मैसर्स मूसाराम शिवरामदास के प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया। प्रतिनिधि अमित शुक्ला ने फर्म से संबंधित अभिलेख, स्टाक पंजिका, बिक्री पंजिका दिखाई। गोदाम में भंडारित उर्वरक का मिलान करने के साथ ही उपलब्ध डीएपी का एक नमूना संग्रहीत कर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया।
थोक विक्रेता को अभिलेखों का रखरखाव सही ढंग से करने के साथ गोदामवार भंडारित उर्वरकों का अलग-अलग स्टॉक रजिस्टर बनाने व प्रदर्शित किए जाने का निर्देश दिया गया। जांच में मैसर्स कृषक सेवा केंद्र केसरूआ विकास खंड हरगांव और मैसर्स हरियाली खेती किसानी सेवा केंद्र शान्ती नगर मछरेहटा रोड विकास खंड खैराबाद की दुकानों का बिक्री लाइसेंस अभिलेख में गड़बड़ी मिलने पर निलम्बित करने की कार्रवाई की गई।
संयुक्त कृषि निदेशक लखनऊ मंडल अनिल कुमार पाठक की अगुवाई में टीम ने महोली में खाद प्रतिष्ठानों की जांच की। जिला कृषि अधिकारी मनजीत कुमार ने बताया कि अभियान के दौरान कुल 73 दुकानों व प्रतिष्ठानों, कम्पनी के बफर गोदाम आदि की जांच पड़ताल की गई। इस दौरान बेची जा रही खाद के सात नमूने लैब जांच के लिए भी भेजे गए।