सीतापुर। रबी की बेहतर फसलोत्पादन के लिए शुक्रवार से ग्राम पंचायतों में गोष्ठियों और किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। पहले दिन 117 गोष्ठियां और किसान पाठशालाएं आयोजित की गईं। कसमंडा ब्लॉक की ग्राम पंचायत मानपारा में आयोजित पाठशाला में उप कृषि निदेशक डा. एसके सिंह ने प्रतिभागियों को रसायन मुक्त खेती करने की समसामयिक तकनीकी जानकारी दी। 29 दिसंबर तक 569 ग्राम पंचायतों में किसान पाठशालाएं और गोष्ठियां आयोजित की जाएंगी।
विभिन्न ब्लॉकों की 19 ग्राम पंचायतों में तिलहन, 58 ग्राम पंचायतों में दलहन गोष्ठी और 40 ग्राम पंचायतों में किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। इसमें कृषि, पशुपालन, उद्यान, मत्स्य, गन्ना, कृषि विज्ञान केंद्र कटिया के क्षेत्रीय कर्मचारियों और वैज्ञानिकों ने किसानों नवीनतम कृषि संबंधी जानकारी दी गई। उप कृषि निदेशक डा. एसके सिंह ने बताया कि 29 दिसंबर तक होने वाली 569 गोष्ठियों और किसाना पाठशालाओं को कार्यक्रम जारी किया गया है। संबंधित पंचायत भवन या विद्यालय में इसका आयोजन शाम दो से पांच बजे तक किया जाएगा।
इसके लिए संबंधित विभागों को डीएम डा. राजागणपति आर की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। कमलापुर संवाद सूत्र के अनुसार क्षेत्र के मानपारा गांव में कृषि विभाग की ओर से रबी फसल से संबंधित जागरुकता कार्यक्रम के लिए किसान पाठशाला का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता उप कृषि निदेशक ने किया। उन्होंने प्राकृतिक खेती करने की समसामयिक तकनीकी जानकारी प्रदान की। कार्यक्रम में एडीओ कृषि कमरूद्दीन ने किसानों को मोटे अनाज के फायदे बताते हुए कहा कि मोटे अनाज न केवल पोषक होते हैं बल्कि कम लागत में अधिक उत्पादन देने वाले भी हैं।
कुसुम योजना से सोलर पॉवर का फायदा
गोष्ठी में रबी फसलों की बुवाई, प्राकृतिक खेती, कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। इसके साथ ही कुसुम योजना के तहत सोलर पावर से सिंचाई सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए किसानों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का सही उपयोग करके किसान अपनी खेती से अधिक लाभ कमा सकते हैं।