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कार्यमुक्त में देरी पर भड़के शिक्षक

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सीतापुर में मंगलवार देर रात बीएसए कार्यालय के बाहर रिलीविंग को लेकर हंगामा करते शिक्षक। - फोटो : SITAPUR
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सीतापुर। अंतरजनपदीय स्थानांतरण में कार्यमुक्त होने में हो रही देरी पर बीती आधी रात को शिक्षक भड़क गए। बीएसए दफ्तर का घेराव करते हुए प्रदर्शन और नारेबाजी की। आक्रोशित शिक्षकों ने बीएसए के वाहन की हवा निकाल दी। इसके बाद भी शिक्षकों का आक्रोश नहीं थमा तो कार्यालय के मुख्य गेट को ही तोड़ने लगे। इससे बीएसए व कर्मचारी बैकफुट पर आ गए। हालात बेकाबू होते देख इसकी सूचना पुलिस को दी गई। एसडीएम सदर और शहर कोतवाल ने मौके पर पहुंचकर गुस्साए शिक्षकों को शांत कराया।
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एसडीएम ने बीएसए से शिक्षकों की बात कराकर उनका गुस्सा शांत किया। विरोध के बाद विभाग सक्रिय हुआ। बुधवार शाम तक जिले के करीब 1100 शिक्षक कार्यमुक्त होकर अपने जिले को रवाना हो गए। जिले में इस समय अंतरजनपदीय स्थानांतरण प्रक्रिया चल रही है। इस स्थानांतरण के तहत जिले से 1418 शिक्षकों का गैर जनपद ट्रांसफर हुआ है। इनको दो दिन से कार्यमुक्त किया जा रहा है।
मंगलवार दिनभर कार्यमुक्त आदेश जारी होते रहे। रात करीब 11 बजे बीएसए ने शिक्षकों से अगले दिन कार्यमुक्त कहने की बात कही। इसके बाद शिक्षक आक्रोशित हो गए। बीएसए कार्यालय के सामने जमा करीब 250 शिक्षक हो हल्ला करने लगे। कुछ ही देर में शिक्षकों ने आक्रोशित होकर कार्यालय के सामने बीएसए के खड़े वाहन की हवा निकाल दी। इससे बीएसए व कर्मचारियों ने कार्यालय के मुख्य गेट को अंदर से बंद कर लिया। शिक्षक मुख्य गेट को ही तोड़ने की कोशिश करने लगे।
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इससे परेशान बीएसए ने एसडीएम व पुलिस को सूचना दी। एसडीएम करीब 12 बजे पुलिस बल के साथ बीएसए कार्यालय पहुंचे। उन्होंने हंगामा कर रहे शिक्षकों को शांत कराया। उनकी बात सुनी। शिक्षक तत्काल कार्यमुक्त होने पर अड़ गए। इसके बाद बीएसए से शिक्षकों ने वार्ता की। बीएसए ने उसके बाद और अधिक सक्रियता दिखाते हुए कार्यमुक्त की प्रक्रिया जारी रखी। बुधवार को दिनभर कार्यमुक्त आदेश जारी होते रहे। शाम तक जिले से करीब 1100 शिक्षक कार्यमुक्त होकर अपने जिले को रवाना हो गए है। इस पूरे घटनाक्रम से कार्यालय के कर्मचारी भी दहशत में रहे।
पहले भी हो चुके है प्रदर्शन
शिक्षकों की ओर से कार्यमुक्त होने को लेकर देर रात तक बीएसए कार्यालय पर हंगामा करना विभाग के लिए कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई बार शिक्षक ऐसा प्रदर्शन कर चुके हैं। करीब तीन साल पहले 72 हजार शिक्षक भर्ती के तहत जब शिक्षकों को नियुक्ति पत्र मिलने में देरी हो रही थी तो उस समय भी शिक्षकों ने बीएसए के वाहन के शीशे तोड़ दिए थे। शिक्षामित्रों ने भी समायोजन रद्द होने के बाद आक्रोशित होकर हंगामा किया था।
एक शिक्षक को कार्यमुक्त करने के लिए काफी समय लगता है। जिले से भारी संख्या में शिक्षक कार्यमुक्त होने थे। अधिक समय लगने की वजह से शिक्षक भड़क गए। उसके बाद एसडीएम ने खुद ही बैठकर पूरी प्रक्रिया को देखा। शाम तक सभी शिक्षक कार्यमुक्त कर दिए गए हैं। अब वही शिक्षक रह गए हैं जो ट्रांसफर के बाद आए नहीं है।
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अजीत कुमार, बीएसए
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