सीतापुर। जिले में मंगलवार को बिजली उपभोक्ताओं को लंबी कटौती से जूझना पड़ा। शहर में आठ घंटे तो ग्रामीण इलाके में तीन घंटे की बिजली कटौती हुई। इन्वर्टर डिस्चार्ज होने से गर्मी में लोग परेशान रहे। पानी का संकट खड़ा हो गया। व्यापारियों का कारोबार प्रभावित हुआ। शहर के 50 से अधिक मोहल्ले व करीब 300 गांवों में आपूर्ति ठप रही।
सिटी उपकेंद्र से जुड़े मोहल्ले गुरुद्वारा रोड, मछली मंडी, रम्पा रोड आदि इलाकों के आसपास मोहल्लों की बिजली सुबह नौ से शाम पांच बजे तक ठप रही। लंबी कटौती के कारण तीन से चार घंटे के अंदर इन्वर्टर डिस्चार्ज हो गए। कटौती की पहले से जानकारी होने के चलते तमाम लोगों ने पानी का इंतजाम कर लिया था। लेकिन यह दोपहर तक समाप्त हो गया।
इसके चलते लोगों ने निजी हैंडपंप के जरिए अपनी जरूरतें पूरी कीं। वहीं दिन में ही घरों में अंधेरा छाया रहा। इस इलाके में कई बाजार हैं। इसके चलते व्यापारी काफी परेशान रहे। प्रतिष्ठानों के बाहर जनरेटर चलते रहे। शाम पांच बजे के बाद आपूर्ति बहाल होने पर लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं 11केवी कॉक्सियल फीडर से जुड़े रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन, ट्रांसपोर्ट चौराहा, लोहारबाग की सप्लाई सुबह नौ से दोपहर एक बजे तक बंद रही। इसी तरह 11 केवी शास्त्री नगर फीडर से जुड़े कृष्णा नगर, शास्त्री नगर, लोनियनपुरवा, कमला नगर, भार्गव काॅलोनी, अहाता कप्तान इलाके में सुबह 10 से शाम छह बजे तक आपूर्ति ठप रही।
इस इलाके में सड़क के किनारे कारोबार करने वाले व्यापारी दिनभर बैठे रहे। कई व्यापारियों ने तो पहले से ही जानकारी होने के चलते प्रतिष्ठान बंद कर दिया था। वहीं 132 केवी बिसवां उपकेंद्र से जुड़े बिसवां, बिसवां ग्रामीण, रेउसा, सांडा, सरैंया कादीपुर उपकेंद्रों की बिजली सुबह आठ से 11 बजे तक ठप रही। इन तीन घंटे में 300 से अधिक गांवों में आपूर्ति नहीं आई। इससे लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ी। अधीक्षण अभियंता रामशब्द ने बताया कि मरम्मत कार्य के चलते शटडाउन लिया गया था।