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सपा नेताओं को घरों में किया नजरबंद

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सीतापुर। किसान आंदोलन के समर्थन में गुरुवार को लहरपुर में पूर्व विधायक अनिल वर्मा के नेतृत्व में निकाली जाने वाली साइकिल रैली को लेकर पुलिस और प्रशासन अलर्ट रहा। पुलिस-प्रशासन द्वारा अनिल वर्मा को सुबह ही उनके घर में नजरबंद कर दिया गया। इसके बाद नगर की सड़कों पर पुलिस की गाड़ियां दिनभर फर्राटा भरती रहीं। जिसके चलते सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।
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सपा नेताओं को उनके घर में ही नजरबंद करने का सिलसिला गुरुवार भोर से ही पुलिस ने शुरू कर दिया था। सीओ यदुवेंद्र यादव के नेतृत्व में प्रभारी निरीक्षक ओपी राय पुलिस बल के साथ नगर के मुख्य मार्गों पर भ्रमण करते रहे। साथ ही पुलिस व पीएसी के जवानों को तैनात किया गया था। एसडीएम, सीओ व कोतवाल सहित कई थानों की पुलिस, पीएसी ने कस्बे को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया था।
लहरपुर नगर क्षेत्र में पुलिस ने पूर्व सांसद कैसर जहां, पूर्व विधायक जासमीर अंसारी, हाजी जावेद गौरी, सपा नगर अध्यक्ष आसिफ रफी, शोभित मिश्र, सलाउद्दीन गौरी, कौशलेंद्र सिंह, निहाल कुरैशी, समीर राईन, मीसम अब्बास को घरों में नजरबंद कर दिया था। इन सभी के घरों के बाहर पुलिस और पीएसी का पहरा रहा। सपा नेता ओमेंद्र वर्मा को पुलिस ने प्रदर्शन करने जाते समय गेट के निकट से पकड़कर वापस उन्हें घर भेज दिया। प्रदर्शन स्थल सपा कार्यालय पर पुलिस बल तैनात रहा। इसके चलते सपा नेता प्रदर्शन करने में असफल रहे। सीओ लहरपुर ने बताया कि सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया।
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कृषि कानून के विरोध में सपा की बाइक यात्रा में जा रहे सपाइयों को तंबौर में पुलिस ने रोक लिया। सभी को तंबौर थाने में नजरबंद कर दिया गया। शाम को निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया। दरअसल कृषि कानून के विरोध में जिला सपा इकाई सात से 15 दिसंबर तक प्रदर्शन कर रही है। इसी क्रम में गुरुवार को लहरपुर तहसील मुख्यालय पर बाइक यात्रा आयोजित की गई। तंबौर से सपा नेता जहीर अब्बास के नेतृत्व में कार्यकर्ता लहरपुर रवाना हुए। इसी बीच प्रशासन ने रास्ते में सपाइयों को रोक लिया और थाने ले लाई। दिनभर थाने में रखने के बाद शाम को सभी को निजी मुचलके पर छोड़ दिया गया।
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