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तीसरे दिन भी कोहरे से जनजीवन प्रभावित

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सीतापुर। जिले में कोहरे का कहर तीसरे दिन गुरुवार को भी जारी रहा। दोपहर तक छाए कोहरे के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। हाईवे पर वाहनों की गति भी धीमी पड़ गई। सर्द हवा तेज होने से लोग ठिठुरने को मजबूर हो गए। राहत पाने को लोगों ने अलाव का सहारा लिया। अगले 24 घंटे में बादल छाए रहने से ठंड का सितम बढ़ने के आसार हैं।
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पिछले दो दिन की तरह ही गुरुवार को भी दिन की शुरुआत घने कोहरे के साथ हुई। कोहरे के कारण विजिबिलटी बेहद कम होने से सड़कों पर वाहनों की आवाजाही कम रही। जो वाहन सड़क पर नजर भी आए वह हेडलाइट जलाकर रेंगते हुए आगे बढ़ रहे थे। नौकरीपेशा लोगों को गंतव्य तक पहुंचने में खासी परेशानी उठानी पड़ी। ठंड के सितम से हर कोई ऊनी कपड़ों का भारी बोझ बदन पर लादे नजर आया।
दोपहर 12 बजे के बाद कोहरा कम होने से विजिबिलटी में कुछ इजाफा हुआ। सूर्यदेव ने दर्शन तो दिए लेकिन पांच किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली सर्द हवा ने धूप में गर्माहट महसूस नहीं होने दी। शाम ढलते ही एक बार फिर पूरे जिले ने कोहरे की चादर ओढ़ ली। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिन का न्यूनतम तापमान 12 डिग्री व अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। मौसम में आर्द्रता 80 प्रतिशत रही। मौसम के जानकार कहते हैं कि अगले 24 घंटे के दौरान बदली छाने से ठंड बढ़ने के आसार हैं।
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घना कोहरा किसानों के लिए किसी मुसीबत से कम नहीं है। कोहरे से फूल वाली फसलों पर बुरा असर पड़ने की संभावना से किसानों की चिंता बढ़ गई है। जबकि रवी फसलों की बोआई भी प्रभावित हो रही है। किसान विवेक कुमार व अनिल तिवारी ने बताया इस समय पड़ने वाला कोहरा सरसों की फसल व सब्जियों में गोभी व टमाटर के लिए हानिकारक साबित हो सकता है। लगातार कोहरा पड़ने से फसल नष्ट होने का खतरा रहता है।
किसान जदुनाथ मौर्य, धीरू सिंह व नरेंद्र सिंह ने बताया कि रवी फसलों की बोआई अभी चल रही है। खेत में नमी कम थी इसलिए उन्हें सिंचाई करनी पड़ी। अब कोहरे की वजह से खेत में अत्यधिक नमी होने से जुताई नहीं हो पा रही है। समय पर फसल की बोआई नहीं होने से उपज में कमी आएगी। वहीं, टमाटर की खेती करने वाले किसान रामनरेश यादव व विजयपाल मौर्य ने बताया कि कोहरे के चलते पौधों में फूल व फल नहीं निकल पा रहे हैं। डर है कि फायदे के लिए की गई खेती कहीं घाटे का सौदा न साबित हो जाए।
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