टाउन हाल स्थित सपा कार्यालय। संवाद
सीतापुर। जिलाधिकारी न्यायालय की ओर से सपा जिलाध्यक्ष समेत नजूल भूमि के तीन कब्जेदारों को नोटिस जारी किया गया है। जिसमें कब्जा छोड़ने के लिए 15 दिन की मोहलत दी गई है। छह मई तक कब्जा हस्तांतरित नहीं करने व अपना पक्ष प्रस्तुत न करने पर पुलिसिया कार्रवाई से कब्जा हटाए जाने की चेतावनी दी गई है। डीएम न्यायालय से नोटिस जारी किए जाने की कवायद ने साफ कर दिया है कि प्रशासन नजूल भूखंडों पर अतिक्रमण के मामले में राहत देने के मूड में नहीं है।
शहर के टाउन हाॅल में नजूल भूखंड संख्या 1437 के अंश भाग पर अतिक्रमण का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार जिलाधिकारी न्यायालय की ओर से कब्जा हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया है। सपा जिलाध्यक्ष छत्रपाल यादव, नरेश कुमार व प्रेम नारायण गुप्ता को नोटिस देकर कब्जा हस्तांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में कहा गया है कि नगर पालिका सीतापुर की गत आठ अप्रैल को हुई बोर्ड बैठक में नजूल भूखंड संख्या 1437 पर पूर्व में किए गए पट्टा व आंवटन निरस्त कर दिए गए हैं। इसकी सूचना गत 15 अप्रैल को पत्र जारी कर दी जा चुकी है। बोर्ड बैठक के इस प्रस्ताव पर कोई स्थगन भी नहीं है। ऐसे में अब कब्जा अवैधानिक कब्जे की श्रेणी में आता है। नजूल भूमि का स्वामित्व राज्य सरकार में निहित है और नगर पालिका को सिर्फ प्रबंधन करने का अधिकार है। इसलिए राज्य सरकार जनहित में भूमि व भवन का कब्जा ले सकती है। नोटिस में कहा गया है कि संज्ञान में होने के बाद भी अब तक कब्जा हस्तांतरित नहीं किया गया है। जिसके चलते जवाबदेही तय की जाती है। छह मई तक अपना जवाब साक्ष्य सहित जिलाधिकारी न्यायालय में प्रस्तुत करें। तय समय में जवाब प्रस्तुत न करने पर समझा जाएगा कि आपको प्रकरण में कुछ नहीं कहना है। इसके बाद भूखंड का कब्जा पुलिस के माध्यम से बलपूर्वक प्राप्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इस प्रक्रिया में होने वाली किसी भी क्षति के लिए आप स्वयं जिम्मेदार होंगे। इसमें आने वाला व्यय आपसे भू-राजस्व के बकाये के रूप में वसूला जाएगा।