कमलापुर (सीतापुर)। कसमंडा विकासखंड की सात ग्राम पंचायतों में साढ़े नौ लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। इन ग्राम पंचायतों की जिम्मेदारी सचिव गनेश कुमार संभाल रहे हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सचिव ने अपने निजी मुंशी व कुछ ग्रामीणों के नाम पर लाखों का भुगतान कर गबन किया है। सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी करके जवाब तलब किया गया है। तीन दिन में संतोषजनक जवाब न देने पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रदेश महासचिव प्रवीण कुमार सिंह ने 15 अप्रैल को कई ग्राम पंचायतों में सरकारी धनराशि के दुरुपयोग की शिकायत की थी। शिकायती पत्र में अंशोधन, खैरन्देश नगर, रेहुआ, मंगरौर, रमनगरा, अलेइया व बलोइया ग्राम पंचायत में सचिव के निजी मुंशी व अन्य व्यक्तियों के नाम पर लाखों रुपये का भुगतान करने का आरोप लगाया था।
आरोप है कि ई ग्राम स्वराज वेबसाइट से जानकारी निकाली गई है। इसमें सचिव गनेश कुमार ने अपनी तैनाती वाली सभी सात ग्राम पंचायतों में अपने निजी मुंशी दिनेश कुमार के नाम पर 5,83,628 रुपये का भुगतान किया है। जबकि मनरेगा की प्रतिदिन 252 रुपये मजदूरी के हिसाब से बगैर छुट्टी के वर्ष भर काम करने पर भी 91,980 रुपये से अधिक का भुगतान संभव ही नहीं है।
इसके अलावा खैरन्देशनगर में अमर सिंह के नाम पर 1,12,504 रुपये, रेहुआ में ओमप्रकाश के नाम पर 93,113 रुपये, सलीम के नाम पर 76,564 रुपये तथा ओमकार के नाम पर 93,113 रुपये निकाले गए हैं। सामग्री खरीद एवं मजदूरी के बिल वाउचर भी अपलोड नहीं किए गए हैं। ऐसे में जांच के समय अपनी मर्जी व सुविधा के अनुसार बिल वाउचर बनाकर अधिकारियों को गुमराह किया जा सकता है।
प्रथम दृष्टया इतने बड़े पैमाने पर किसी व्यक्ति विशेष के नाम धनराशि आहरित करने का कोई औचित्य नहीं है। यह कृत्य गंभीर वित्तीय अनियमितता प्रतीत होता है। इस पर एडीओ पंचायत संजय कुमार सिंह ने सचिव गनेश कुमार से स्पष्टीकरण तलब किया है।