सीतापुर। मिट्टी के स्वास्थ्य की सही जानकारी ने हाेने से किसानों को बेहतर खेती करने में दिक्कत होती है। कृषि विभाग इस समस्या के समाधान के लिए विशेष अभियान चला रहा है। चौथे चरण में पांच मई को 22 कृषि सखियां 164 कर्मचारियों के संग 120 गांवों में मिट्टी के नमूना एकत्र करेंगी। मिट्टी के नमूने की जांच के बाद रिपोर्ट कॉर्ड किसानों को दिया जाएगा। इसके बाद वह खरीफ फसलों की बोआई करेंगे। इससे बेहतर उत्पादन होगा, साथ ही कृषि सखियों को भी लाभ होगा।
राष्ट्रीय सॉइल हेल्थ एंड फर्टिलिटी योजना (मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना) के तहत वर्तमान वित्तीय साल में 38 हजार मिट्टी के नमूनों के संकलन का लक्ष्य आवंटित किया गया है। सभी विकास खंडों की चयनित 380 ग्राम पंचायतों से प्रति पंचायत 100 नमूनों का संग्रह किया जाना है। इस लक्ष्य में 70 प्रतिशत नमूने खरीफ सीजन और 30 प्रतिशत नमूने रबी सीजन से एकत्र किए जाने हैं। इस कार्य के लिए शासन स्तर से चार चरणों में मृदा नमूना संकलन अभियान संचालित किया जा रहा है। इसके चौथे चरण में पांच मई को नमूने एकत्र किए जाएंगे।
इन ग्राम पंचायतों में लिया जाएगा मिट्टी का नमूना
पांच मई को बनिका जलालपुर, सेमरहन, बनिहार, कैमहरा कला, गढ़िया सेमरी, नियामतपुर, नेवादिया, लोहारखेड़ा, लोधौरा, भीखपुर, कोदिकापुर, रघुनाथ तदुवा, निमौची, गोकुलपुर, फरीदपुर कुटी, भिठौरा, चौड़िया भज्जूपुर, पलिया, बसईडीह और हैदरपुर आदि ग्राम पंचायतों में मृदा नमूना संकलन का कार्य किया जाएगा। कृषि विभाग द्वारा इस कार्य के लिए संयुक्त कृषि निदेशक (राष्ट्रीय जलागम) बीएन पांडेय को जिले के लिए नोडल अधिकारी नामित किया गया है।
खरीफ की बोआई से पहले किसानों को मिलेगा मृदा स्वास्थ्य कार्ड
विशेष अभियान को सफलतापूर्वक संचालित करने के लिए 127 प्रसार कर्मचारी, 15 प्रयोगशाला कर्मी और 22 कृषि सखियां मिट्टी का नमूना लेंगी। नमूनों का प्रयोगशाला में परीक्षण के बाद खरीफ सत्र की बुवाई से पहले किसानों को मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि किसान अपनी भूमि की पोषक तत्व आवश्यकताओं के अनुसार खाद का वैज्ञानिक व संतुलित उपयोग कर सकें। किसान अभियान में सक्रिय रूप से भाग लें और वैज्ञानिक खेती को अपनाकर उत्पादन और आय में वृद्धि करें।
डाॅ. एसके सिंह, उप कृषि निदेशक