सीतापुर में शॉर्ट सर्किट से मीटर में धमाके के साथ आग लग गई। घर में आग लगने से मां-बेटे की जिंदा जलकर मौत हो गई। जबकि, बहन गंभीर रूप से झुलस गई। आगे पढ़ें पूरी खबर...
यूपी के सीतापुर में मिश्रिख क्षेत्र के गोपालपुर गांव में रविवार सुबह शॉर्ट सर्किट से एक मकान में आग लग गई। लपटों की चपेट में आकर 10 वर्षीय बालक की जिंदा जलकर मौत हो गई। वहीं उसकी जबकि मां और बहन गंभीर रूप से झुलस गईं।
विज्ञापन
मौके पर आई पुलिस ने घायलों को अपने वाहन से सीएचसी पहुंचाया, जहां से दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। लखनऊ ले जाते समय मां की भी मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों ने बिजली विभाग के प्रति नाराजगी जाहिर की है। मौके पर पहुंचे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है।
विज्ञापन
बिजली के मीटर में धमाके के साथ लपटें उठने लगीं
गोपालपुर गांव निवासी कमलेश मौर्य ने बताया कि रविवार सुबह करीब 6 बजे वह अपने बड़े बेटे के साथ घर के बाहर किराने की दुकान लगाने में व्यस्त थे। घर के अंदर उनकी पत्नी गौरी (40) चाय बना रही थीं। पुत्री काजल (17) नहाने जा रही थी, वहीं छोटा बेटा कृष्ण उर्फ कन्हैया (10) सो रहा था। अचानक बिजली के मीटर में धमाके के साथ लपटें उठने लगीं।
उनके पड़ोसी गुड्डू ने भी यह घटना देखी। देखते ही देखते जलते हुए बिजली के तार घर के अंदर तक फैल गए। दरवाजा अंदर से बंद होने और घर में रखे कपड़े व प्लास्टिक के सामान में आग लगने से और भी विकराल स्थिति पैदा हो गई। अंदर से शोर मचाने की आवाज आने लगी।
कमरे में ही जिंदा जलने से बेटे की मौत
लपटों को देखकर कृष्ण जग गया। उसने कमरे से बाहर निकलने की कोशिश की, लेकिन वह बाहर नहीं निकल पाया। कमरे में ही जिंदा जलने से उसकी मौत हो गई। कृष्ण को बचाने के लिए गौरी और काजल ने प्रयास किया, इसके कारण वह भी बुरी तरह से झुलस गईं। करंट होने की आशंका में काफी देर तक ग्रामीण घर के अंदर नहीं आ सके।
उन्होंने बिजली विभाग को लाइट काटने के लिए जानकारी दी। आरोप है कि काफी समय तक लाइट नहीं कटी। अफरातफरी की स्थिति में पहुंची पुलिस की मदद से गौरी और काजल को निकालकर सीएचसी पहुंचाया गया। जहां से दोनों को जिला अस्पताल और फिर लखनऊ रेफर कर दिया गया। सिधौली के पास ही गौरी की भी मौत हो गई। काजल की हालत भी नाजुक है। इधर दमकल विभाग की पांच सदस्यीय टीम ने आग पर काबू पाया है।
एक कमरे में भरा था भूसा और पेट्रोल भरे कैन
ग्रामीणों ने बताया कि जिस कमरे में कृष्ण सो रहा था, उसके पास ही एक कमरे में भूसा भी रखा हुआ था। भूसे के पास पेट्रोल व डीजल के कुछ कैन भी रखे हुए थे। आशंका है कि इन पर तार से चिंगारी गिरी, जिसकी वजह से आग और अधिक भड़क गई। बाहर से ग्रामीणों ने पानी डालकर आग बुझाने की सोची, लेकिन करंट के डर से कई लोगों ने पतवार आदि से आग बुझाने का प्रयास किया।
आरोप है कि घटना के बाद एंबुलेंस भी काफी देर में मौके पर आई। इंस्पेक्टर मिश्रिख प्रदीप कुमार सिंह और यूपी 112 की टीम ने गंभीरता को देखते हुए मां-बेटी को पुलिस वाहन से मिश्रिख सीएचसी पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही मिश्रिख एसडीएम दीपक कुमार गुप्ता, एएसपी दक्षिणी दुर्गेश सिंह, सीओ महोली नागेंद्र चौबे मौके पर आए। उन्होंने ग्रामीणों से घटना की जानकारी ली है।
घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है। कमलेश और उनके बेटे ने रोते हुए बताया कि उन्होंने कभी सोचा नहीं था कि ऐसा भी कुछ हो जाएगा। एक धमाके से उनका पूरा परिवार ही उजड़ गया है। पूरे परिवार की खुशियां ही छिन गई हैं। काजल ही हालत भी काफी नाजुक बताई जा रही है। कमलेश मौर्य के चचेरे भाई प्रदीप महान दल के जिलाध्यक्ष हैं। उनके कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर दुख जताया है।
एएसपी दक्षिणी, दुर्गेश सिंह ने बताया कि शार्ट सर्किट से आग लगने के कारण मां-बेटे की मौत हुई है। बेटी का इलाज जारी है। प्रशासनिक टीम ने भी मौके पर जाकर जांच की है। मृतक के परिजनों को आर्थिक सहायता भी दिलाई जाएगी।