पुत्र की मृत्यु के उपरांत दुख की इस घड़ी में पिता ने उसके नेत्र दान कर मिसाल कायम की है। अब ये दोनों कॉर्निया किन्हीं दो जरूरतमंदों को लगाई जाएंगी।
शहर के चर्च रोड निवासी सुबोध नाथ सेठ का पुत्र शशांक सेठ (34) बीमार चल रहा था। गुरुवार को उसका निधन हो गया। युवा अवस्था में पुत्र के निधन से सुबोध गमगीन थे। बावजूद इसके मन में समाजसेवा का विचार था कि पुत्र का कोई अंग दूसरों के काम आ सके।
इसी विचार को लेकर उन्होंने सक्षम संस्था से संपर्क साधा। सक्षम संस्था ने नेत्रदान करने की बात पिता के सामने रखी। जिस पर सुबोध ने हामी भर दी और कहा कि पुत्र न सहीं, लेकिन उसकी आंखें आगे भी दुनिया को देख सकें, इससे बेहतर और क्या हो सकता है।
सक्षम संस्था ने आंख अस्पताल के डॉक्टरों की मदद से शशांक की कॉर्निया सुरक्षित रख लीं। पिता सुबोध सेठ ने बताया कि पुत्र की मौत के बाद भी उसका एक अंग समाज की सेवा के काम आया, इस बात को लेकर उन्हें गर्व है।