सीतापुर। तराई में बाढ़ आने से पहले जरूरतमंदों को समय से इलाज देने की तैयारी शुरू कर दी गई है। बाढ़ग्रस्त तीन तहसीतों के सीनियर सिटीजन व गर्भवती महिलाओं को चिह्नित किया जाएगा जिससे आपदा के समय इनको समय से इलाज दिया जा सके। इसके लिए तीन सीएचसी अधीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
महमूदाबाद, बिसवां व लहरपुर तहसील बाढ़ग्रस्त क्षेत्र में शामिल है। इन तहसीलों के 100 से अधिक गांव हर साल प्रभावित होते हैं। गांवों व सड़कों पर पानी भर जाने से इलाज की दुश्वारी उत्पन्न हो जाती है। नावें ही एकमात्र सहारा बचती हैं। इससे जरूरतमंदों को इलाज में दिक्कत होती है। इस समस्या को इस बार दूर करने की कवायद शुरू कर दी गई है।
तीनों तहसील के सीएचसी अधीक्षकों को निर्देशित किया गया है कि वे जरूरतमंदों को पहले से ही चिह्नित कर लें। अगर किसी का लंबे समय से इलाज चल रहा है, बुजुर्ग है, गर्भवती हैं, बच्चों का टीकाकरण होना है तो इन सभी की लिस्ट तैयार कर लें। अगर बाढ़ आए तो इनको प्राथमिकता से इलाज दिया जाए। साथ ही सभी के मोबाइल नंबर भी जुटा लें ताकि आपदा के समय इनकी तकलीफ को दूर किया जा सके।
बाढ़ से पहले मरीजों को चिह्नित करने की कवायद शुरू कर दी गई है। सीएचसी अधीक्षकों के पास इनके नाम व मोबाइल नंबर रहेंगे जिससे समय से इलाज दिया जा सके।-
-डॉ. सुरेश कुमार, सीएमओ