पॉवर कॉर्पोरेशन की सौभाग्य योजना के तहत मुफ्त कनेक्शन पाने वाले उपभोक्ता अब तक 70 करोड़ की बिजली फूंक चुके हैं। योजना के तहत करीब 60 हजार पात्रों ने मुफ्त कनेक्शन पाने में तो खूब तेजी दिखाई लेकिन अब खर्च की बिजली की बिल राशि चुकाने में गुरेज बरत रहे हैं। इसके चलते ही बीते तीन साल से इस योजना से जुड़े 60 हजार उपभोक्ताओं ने अपना बिजली का बिल ही जमा नहीं किया है। इससे पॉवर कारपोरेशन की 70 करोड़ की बिल राशि वसूली न हो पाने से अटकी है। विभागीय अधिकारी अब ऐसे बकाएदारों के खिलाफ बिजली बिल की बकाया राशि की वसूली को अभियान चलाने की बात कह रहे हैं।
करीब तीन साल पहले केंद्र सरकार की तरफ से सौभाग्य योजना शुरू की गई थी। इस योजना के तहत जिले में गरीब परिवारों को फ्री में बिजली के कनेक्शन दिए गए थे। प्रत्येक बिल में कनेक्शन फीस का कुछ हिस्सा प्रतिमाह जोड़ दिया गया था। कनेक्शन लेने वालों को हर माह अपने बिजली बिल की राशि जमा करनी थी। इसमें कनेक्शन फीस व यूनिट के हिसाब से बिल तैयार हुआ था। उपभोक्ताओं का कहना है जब सरकार ने फ्री कनेक्शन दे दिया तो बिल की राशि भी माफ होनी चाहिए। इसी सोच के साथ सौभाग्य योजना से जुड़े करीब 60 हजार उपभोक्ताओं ने कनेक्शन लेने के बाद से बीते तीन साल में एक बार भी बिजली बिल के एवज में कोई भी राशि जमा नहीं की।
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इस संबंध में पॉवर कॉर्पोरेशन के अफसरों का कहना है कि योजना के तहत सिर्फ बिजली कनेक्शन ही फ्री था लेकिन खर्च की जाने वाली बिजली का पैसा निर्धारित यूनिट दर से बिल के बतौर हर माह चुकाना जरूरी था। बिजली बिल राशि चुकाने में बरती गयी उदासीनता के कारण ही तीन साल में इन कनेक्शन धारकों पर 70 करोड़ से अधिक की बिल राशि का भुगतान बकाया हो गया है। अधीक्षण अभियंता नंदलाल ने बताया कि सौभाग्य योजना के तहत करीब 60 हजार उपभोक्ताओं ने एक बार भी अपना बिल नही चुकाया है। ऐसे डिफाल्टरों से अभियान चलाकर बकाया बिल की वसूली होगी। इतना ही नहीं 10 हजार से अधिक के ऐसे बकाएदारों के खिलाफ अभियान चलाकर कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी होगी।
जिले में करीब 4.50 लाख बिजली
कनेक्शन
जिले में इस समय करीब 5.50 लाख बिजली के कनेक्शन है। इसमें से करीब दो लाख कनेक्शन सौभाग्य योजना से जुड़े हैं। अब यह योजना बंद हो गई है। ऐसे में उपभोक्ताओं को नया कनेक्शन लेने के लिए पूरा पैसा जमा करना पड़ता है। तभी उनको नया बिजली कनेक्शन मिलता है।
अधिकतर उपभोक्ता ग्रामीण इलाके के
सौभाग्य योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वालों के साथ ही अंत्योदय कार्डधारकों को मुफ्त बिजली कनेक्शन का लाभ दिया गया था। इसका उद्देश्य गांव के हर घर तक बिजली की रोशनी पहुंचाना था। योजना के तहत ऐसे गांवों में बिजली सुविधा मुहैया कराने के कई साल बीत जाने के बाद भी मात्र 15 से 20 फीसदी कनेक्शनधारी ही जलाई जा रही बिजली का बिल चुका रहे हैं जबकि अन्य उपभोक्ता इसका मुफ्त उपयोग ही कर रहे हैं।