सीतापुर। बेसिक शिक्षा विभाग में नवनियुक्ति 439 शिक्षकों का वेतन सत्यापन के फेर में अटक गया है। इन शिक्षकों की अक्तूबर 2020 में परिषदीय विद्यालयों में तैनाती हुई थी। करीब पांच माह बीतने के बाद भी इनके प्रमाणपत्रों के सत्यापन नहीं हो सके है। इसकी वजह से शिक्षक आर्थिक समस्याओं से जूझ रहे हैं। गैर जनपदों के शिक्षक होने के नाते इनको अपना खाना खर्चा चलाना मुश्किल हो गया है।
परिषदीय विद्यालयों में सहायक अध्यापक की 69 हजार शिक्षक भर्ती के तहत पहले चरण में 31 हजार शिक्षकों की भर्ती हुई थी। इस भर्ती के तहत जिले में 439 शिक्षकों की पोस्टिंग होनी थी। अक्तूबर माह में इनकी पोस्टिंग स्कूलों में कर दी गई थी। उसके बाद यह नियमित विद्यालय जाकर अपना पठन-पाठन कर रहे हैं। इस भर्ती में जिले सहित गैर जनपदों के तमाम शिक्षक चयनित हुए है। मेरठ, आगरा, मथुरा, हरदोई, बाराबंकी, कानपुर सहित तमाम जिलों के शिक्षक यहीं रुककर अपनी नौकरी कर रहे हैं।
लेकिन इनके सामने सबसे बड़ी समस्या वेतन न मिलने की आ रही है। शिक्षकों के चार प्रमाण पत्रों के सत्यापन के बाद इनको एरियर का भुगतान किया जाता है। दो सत्यापन आने के बाद उनको वेतन दिया जाता है। लेकिन पांच माह बीत गए है, अभी तक किसी भी शिक्षक के प्रमाणपत्र के सत्यापन नहीं हो सके है। शिक्षकों का कहना है सत्यापन प्रक्रिया ऑनलाइन भी हो सकती है। जनवरी में हम लोगों से फाइल जमा कराई गई है। जब देर से फाइल जमा हुई तो सत्यापन में विलंब हो रहा है। इसकी वजह से शिक्षक बहुत परेशान है। वेतन न मिलने के कारण उनके सामने दिक्कतें आ रही है।
ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों हैं विकल्प
2004 के बाद कई विश्वविद्यालयों ने अपने यहां के अध्ययनरत विद्यार्थियों के प्रमाणपत्र ऑनलाइन कर दिए हैं। कई विश्वविद्यालयों ने अभी तक डाटा ऑनलाइन नहीं किया है। शिक्षकों का कहना है जिन विश्वविद्यालयों ने ऑनलाइन प्रमाणपत्र कर दिए हैं, वह आसानी से सत्यापित हो सकते हैं। बेसिक शिक्षा विभाग कह रहा है कई बार ऑनलाइन सत्यापन में गड़बड़ी आ जाती है, वहीं सभी विश्वविद्यालय के ऑनलाइन प्रमाणपत्र नहीं है। इसी वजह से विश्वविद्यालय प्रमाणपत्र भेजे जा रहे हैं।
सभी चयनित शिक्षकों के प्रमाणपत्र विश्वविद्यालय को भेज दिए गए हैं। सभी विश्वविद्यालय के प्रमाणपत्र ऑनलाइन न होने से इन्हें सत्यापित नहीं किया जा सकता है। अब दूसरे चरण के चयनित शिक्षकों के प्रमाणपत्र भेजे जा रहे हैं। सत्यापन के बाद तत्काल शिक्षकों को वेतन जारी किया जाएगा।
- अजीत कुमार, बीएसए