सीतापुर। कोतवाली मिश्रिख इलाके में साले की ससुराल बरात गए एक युवक की संदिग्ध हालात में फांसी लगाने से हुई मौत के मामले में सोमवार को बवाल हो गया। पोस्टमार्टम के बाद अंत्येष्टि के बजाय ट्रैक्टर-ट्रॉली में शव रखकर जिला मुख्यालय लाने की सूचना पर मौके पर पहुंचे एसओ रामकोट की गुस्साई महिलाओं व पुरुषों से जमकर नोकझोंक हुई। महिलाओं ने एसओ के साथ धक्कामुक्की की।
मामले को लेकर हंगामा किया। इसकी सूचना पर एसडीएम और सीओ समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुुंची। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर हंगामा कर रहे लोगों को खेदड़कर मामले को शांत कराया। इसके बाद शव की अंत्येष्टि हो सकी। करीब तीन घंटे तक अफरातफरी रही।
रामकोट इलाके के कटिया निवासी निवासी पंकज (22) के साले की शादी थी। वह बरात में शामिल होने के लिए साले की ससुराल कोतवाली मिश्रिख इलाके के बेरसापुर गया था, जहां पर देर रात उसकी संदिग्ध हालात में फांसी लगाने से मौत हो गई। युवक का शव गांव के बाहर बाग में पेड़ से लटकता मिला था।
मृतक के पिता कल्लू ने विवाद में युवक की हत्या कर शव को फंदे पर लटकाने का आरोप लगाया था। कोतवाल मिश्रिख मनोज यादव ने बताया था कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हैंगिग की पुष्टि हुई है। तहरीर के आधार पर आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने आदि की धाराओं में केस दर्ज किया जा रहा है, जबकि मृतक के परिजन हत्या का केेस दर्जकर आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे।
रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव पहुंचने पर अंधेरा होने और हत्या का केस दर्ज न होने पर तय हुआ था कि एफआईआर के बाद सोमवार को शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। देर रात मिश्रिख पुलिस ने मृतक के साले ओंकार, ससुर रज्जन के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया था। मृतक के परिवार वालों को इसकी जानकारी नहीं हो सकी थी।
सोमवार सुबह मृतक के परिजन हत्या का केस और तत्काल आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़ गए। शव की अंत्येष्टि करने के बजाय शव को ट्रॉली में रखकर गांव की महिलाएं और पुरुष गांव से निकल लिए। करीब दो किमी. तक ये लोग आ गए थे। लोगों ने पहले मधवापुर गांव के पास जाम लगाया। इसके बाद बाईपास हाईवे पर जाम लगाने के लिए चले।
इस, बीच मामले की सूचना पाकर एसओ रामकोट संजीत सोनकर पुलिस बल के साथ मृतक के गांव कटिया पहुंचे, लेकिन वहां किसी के नहीं मिलने पर एसओ फौरन मधवापुर पहुंच गए, जहां पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से शव लेकर मुख्यालय जा रहे लोगों को रोक कर उन्हें शांत कराने की कोशिश की, लेकिन गुस्साए मानने को तैयार नहीं थे।
वह मामले में मुआवजा, आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़े थे। गुस्साई महिलाओं, पुरुषों ने एसओ रामकोट के साथ धक्का-मुक्की की। काफी देर तक चली नोकझोंक की खबर एसपी आरपी सिंह को मिली। कप्तान ने मौके पर कई थानों की फोर्स भेजी। एसडीएम सदर अमित भट्ट, सीओ सिटी पीयूष कुुमार सिंह, शहर कोतवाल टीपी सिंह, एसओ खैराबाद, मछरेहटा समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद ग्रामीण पीछे हटे।
लोगों का हंगामा और आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें तितर-बितर किया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों ने लोगों को कार्रवाई का आश्वासन देकर शांत कराया और शव का अंतिम संस्कार करा दिया है। एसओ रामकोट संजीत सोनकर ने बताया कि मामला मिश्रिख कोतवाली से जुड़ा है। वहीं युवक की मौत हुई थी। मिश्रिख में ही केस लिखा गया था। गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोग शव ट्रॉली में रखकर मुख्यालय जा रहे थे। समझाकर शांत करा दिया गया है। हालात सामान्य हैं।
शव की अंत्येष्टि के बाद राहत की सांस
युवक की मौत के मामले में हुए बवाल के बाद पुलिस के समझाने और कार्रवाई के आश्वासन पर माने लोगों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया। इस दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस भी अंत्येष्टि के दौरान मौजूद रही। शव के अंतिम संस्कार के बाद पुलिस ने राहत की सांस ली।
मिश्रिख कोतवाल समझा ले जाते तो न होता बवाल
रामकोट में हुए बवाल के पीछे कहीं न कहीं मिश्रिख कोतवाल का मृतक के परिजनों से बेहतर तालमेल न रखने की भी एक बड़ी वजह निकलकर सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, कोतवाल पहले से ही मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज करने की बात कह रहे थे। देर रात दबाव के बाद हत्या का केस दर्ज भी कर लिया, लेकिन इसकी जानकारी मृतक के परिवार को नहीं दी।