सीतापुर। गर्मी के तीखे होते तेवर के बावजूद परिषदीय विद्यालयों में पेयजल संकट से निबटने के कोई इंतजाम दिखाई नहीं पड़ रहे हैं। इसके चलते ही मछरेहटा विकासखंड के अधिकांश परिषदीय विद्यालयों में आरओ खराब हो जाने से बच्चे व शिक्षक शुद्ध पेयजल के लिए तरस रहे हैं। कई स्कूलों में लगे हैंडपंप भी दूषित व कीचड़ युक्त पानी फेंकने लगे हैं। शिकायत के बाद भी जिम्मेदार इस गंभीर समस्या के निस्तारण को लेकर उदासीन बने हैं।
परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आरओ लगवाए गए थे। आरओ लगवाने के कार्य में लाखों रुपयों का बजट खर्च किया गया। ठीक से देखभाल न होने के कारण मछरेहटा ब्लॉक के कई स्कूलों में शुद्ध पेयजल के लिए लगाए गए आरओ खराब पड़े हैं। हैंडपंपों से भी प्रदूषित पानी आ रहा है। ऐसे में गर्मी बढ़ने के साथ ही बच्चों को शुद्ध पेयजल तक मुहैया नहीं हो पा रहा है। प्रधानाचार्यों और अध्यापकों की मानें तो प्रधान व सचिव शिकायत के बाद भी ध्यान नहीं देते हैं।
दो साल से खराब आरओ
कम्पोजिट विद्यालय बड़रावा में आरओ दो साल से खराब है। प्रधानाचार्य मोहम्मद शादाब अंसारी ने बताया कि 270 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। गर्मी के सीजन में बच्चों को शुद्ध पेयजल नहीं मिल पाता है। मजबूरी में हैंडपंप का बालू युक्त पानी पीना पड़ता है। कई बार शिकायत के बाद भी यह परेशानी दूर नहीं हो रही है।
लगने के 10 दिन बाद ही खराब हो गया आरओ
कम्पोजिट विद्यालय मुसौली में छह महीने पहले आरओ लगवाया गया था। महज 10 दिन बाद ही आरओ खराब हो गया। सहायक अध्यापक रामसेवक ने बताया कि स्कूल के दो हैंडपंपों में से भी एक खराब पड़ा है। सचिव और प्रधान से शिकायत बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
उखाड़कर कोने में रख दिया आरओ
प्राथमिक विद्यालय तहरपुर में आरओ को उखाड़कर एक कोने में रख दिया गया है। हैंडपंप की चौकी तक नहीं बनी है। लिहाजा, हैंडपंप से भी स्वच्छ पानी नहीं मिल रहा है। शिक्षकों का कहना है कि दूषित पानी पीने से बच्चों के स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने की आशंका बनी रहती है।
पेयजल हर विद्यालय की मूलभूत जरूरत है। आरओ खराब होने के मामले की एडीओ आईएसबी से जांच कराई जाएगी। समस्या मिलने पर उसका त्वरित समाधान कराया जाएगा।
राजेश तिवारी, बीडीओ मछरेहटा