सीतापुर। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से समूहों का गठन किया गया है। इन्हें अपनी आजीविका में सुधार के लिए धनराशि की आवश्यकता होती है। इसके लिए विभाग की ओर से बैंकों के मार्फत समूहों की कैश क्रेडिट लिमिट (सीसीएल) बनवाई जाती है। इसके लिए आवेदन बैंकों को भेजे जाते हैं लेकिन उनकी ओर से आवेदनों का निस्तारण करने में देरी की जा रही है। 13 बैंकों में 3087 सीसीएल की पत्रावलियों का निस्तारण नहीं हो सका है। इससे संबंधित समूहों का कारोबार रुका है।
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से 13 बैंकों को सीसीएल स्वीकृत करने के लिए 4662 स्वयं सहायता समूहों की पत्रावली भेजी गईं। इसमें से विभागीय पोर्टल पर 1753 पत्रावली स्वीकृत होना दर्शाया जा रहा है, जबकि वास्तविक रूप से 2011 फाइलें स्वीकृत की गई हैं। 1571 स्वयं सहायता समूहों को स्वीकृति के सापेक्ष धनराशि उनके खाते में भेजी गई है। लेकिन पोर्टल 1365 पत्रावलियां बता रहा है।
जिला मिशन प्रबंधक अमरजीत सिंह ने बताया कि बैंकों को भेजी गई पत्रावलियों के सापेक्ष 3087 का सीसीएल स्वीकृत नहीं किया गया है। यह स्थिति 20 मार्च तक की है। आर्यावर्त बैंक ने सर्वाधिक 920 समूहों की सीसीएल स्वीकृत करते हुए 674 समूहों के खाते में धनराशि भेज दी है।