रामपुर मथुरा (सीतापुर)। सरयू की कटान मंगलवार को थमने से गांजर वासियों ने राहत की सांस ली है। बाढ़ के हालात भी सामान्य हो गए हैं। हांलाकि चौका नदी में उफान से आई बाढ़ की स्थितियां जस की तस बनी हैं। तहसील प्रशासन द्वारा फसलों के नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है।
अंगरौरा के मीटर गेज से लिए गए आंकड़ों के मुताबिक मंगलवार को 10 सेंटीमीटर घटकर 117.30 मीटर पर पहुंच गया। लेखपाल रवीन्द्र ने बताया कि खतरे के निशान 119 मीटर से पानी अब 1.10 मीटर नीचे है। बाढ़ के हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। शुकुलपुरवा के प्रधान श्रीराम ने बताया कि सरयू की कटान भी पिछले 24 घंटे से बंद है। कोई घर नहीं कटा है। यदि कटान पहले की तरह चलती रहती तो लोधनपुरवा के बाद सुंदरपुरवा का अस्तित्व भी खत्म हो सकता था।
सुंदरपुरवा में सीताराम तथा भारत के दो घरों समेत तीन मकान बचे हैं। अखरी प्रधान जन्मेजय सिंह ने बताया कि तटवर्ती गांवों के घरों से बाढ़ का पानी निकल गया है। तटबंध पर शरण लिए लोग अपने घरों को वापस लौटने की तैयारी में जुट गए हैं। हांलाकि चौका नदी उफनाने से बिगड़े हालात फिलहाल जस के तस बने हुए हैं। करीब 700 बीघा फसलें पांच दिनों से बाढ़ में डूबी हैं। इससे फसलें सड़ने का खतरा बना हुआ है। लगभग 20 गांवों के आसपास भरा पानी भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है।
सरयू नदी का जलस्तर लगातार कम हो रहा है। अब स्थितियां सामान्य हैं। बाढ़ का पानी गावों से निकल गया है। चौका नदी में उफान से किसानों की फसल जलमग्न है। नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। - अनिल कुमार, तहसीलदार महमूदाबाद