लहरपुर क्षेत्र में शारदा नदी का निरीक्षण करते अधिशासी अभियंता व अन्य। संवाद
सीतापुर। बैराजों से शनिवार को छोड़े गए 1.40 लाख क्यूसेक पानी ने गांजर में खतरे की घंटी बजा दी है। हालांकि, अभी बाढ़ जैसे हालात नहीं हैं। फिर भी प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है।
जिले की लहरपुर, बिसवां और महमूदाबाद तहसील क्षेत्रों में होकर बहने वाली सरयू व शारदा नदियों का जलस्तर बढ़ने पर हर साल सैकड़ों लोग बाढ़ की त्रासदी से जूझते हैं। शनिवार को शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.49 मीटर नीचे और सरयू नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 2.03 मीटर नीचे रहा। बाढ़ व सिंचाई खंड के अधिशासी अभियंता विशाल पोरवाल ने शनिवार को लहरपुर क्षेत्र के मास्टरपुरवा व बरेती के समीप शारदा नदी के बैंक का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान स्थानीय ग्रामवासियों से संवाद कर हालात सामान्य होने का भरोसा दिया। सहायक अभियंता व जूनियर इंजीनियरों को निरंतर निगरानी व सजगता बरतने के निर्देश दिए।
20 हजार पशुओं का किया गया टीकाकरण
रामपुर मथुरा। पशुपालन विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित अंगरौरा, अखरी, शुकुलपुरवा, केवड़ा और कलुवापुर सहित पांच ग्राम पंचायतों में पशुओं को गला घोंटू बीमारी से बचाव के लिए विशेष टीकाकरण अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान करीब 20 हजार पशुओं को टीका लगाया गया।