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Sitapur News: छापे बेअसर, खाद की कालाबाजारी बेलगाम

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खैराबाद (सीतापुर)। यूरिया खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए कृषि विभाग के अफसर लगातार छापे मार रहे हैं, लेकिन इसका असर नहीं दिख रहा है। खाद विक्रेता महंगी दरों पर यूरिया बेचने से बाज नहीं आ रहे हैं। ये यूरिया के साथ जबरन जिंक भी किसानों को बेच रहे हैं। यूरिया का रेट 266 रुपये 50 पैसे निर्धारित है, लेकिन बाजार में निजी खाद विक्रेता मनमाना रेट वसूल रहे हैं।
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नेशनल हाईवे पर बाराभारी के पास यूरिया खरीद कर जाते मिले किसान मातापुर निवासी रामजीवन ने बताया कि टोल प्लाजा के पास की दुकान से 320 रुपये प्रति बोरी की दर से खाद मिली है। इसके साथ जिंक भी खरीदना पड़ा है। असोढर निवासी किसान हफीज ने भी बताया कि 320 रुपये की एक बोरी यूरिया मिली है। यदि समिति पर यूरिया मिल जाती तो महंगे रेट पर न खरीदना पड़ता। हकीकत परखने के लिए पड़ताल की गई तो मुलाहिमपुर व अर्जुनपुर की समिति पर ताला लटकता मिला। नगर में कटरा की समिति पर यूरिया बिकती मिली। यहां किसानों की लंबी लाइन दिखी। किसानों ने बताया कि घंटों से लाइन में खड़े हैं।
दो दिन से लगा रहे दौड़
इफको यूरिया की किल्लत चल रही है। किसान खाद की दुकानों की परिक्रमा कर रहे हैं। किसान मायाराम, कमलेश, पप्पू, मनोहर, संतोष कुमार आदि का कहना है कि दो दिनों से अर्जुनपुर की दौड़ लगा रहे हैं, फिर भी यूरिया खाद नहीं मिल रही है। टोल प्लाजा के पास दुकान पर 320 रुपये की बोरी मिल रही है।
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फेविकोल बनाने में हो रहा उपयोग

एक निजी खाद विक्रेता ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लहरपुर, सीतापुर, तम्बौर के प्लाईवुड के कारखानों में फेविकोल बनाने में यूरिया का इस्तेमाल किया जा रहा है। दुकानदार का दावा है कि प्लाईवुड कारखानों में यूरिया की कालाबाजारी की जा रही है। यदि छापा पड़े तो सच सामने आ जाएगा।


कंट्रोल रूम में करें शिकायत
खाद की उपलब्धता व कालाबाजारी समेत किसी भी समस्या के लिए कंट्रोल रूम संचालित है। किसान अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाती है। इसके अलावा दुकानों का औचक निरीक्षण भी किया जाता है। - संजीव कुमार, जिला कृषि अधिकारी
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