सीसीटीवी कैमरे में कैद हुआ आरोपी।
सदरपुर (सीतापुर)। थाने में जब्त तार की बिक्री के नाम पर शनिवार शाम जालसाज ने पुलिसकर्मी बनकर एक दुकानदार से 40 हजार रुपये ठग लिए। पुलिस भी मामला सुनकर दंग रह गई, उसने जांच शुरू कर दी है।
कस्बे के राजाराम गुप्ता के अनुसार उनकी थाना तिराहे पर बर्तन व अन्य लोहे का सामान खरीदने व बिक्री की दुकान है। शाम करीब साढ़े पांच बजे एक युवक खाकी कपड़े में बाइक पर हेलमेट लगाकर उनकी दुकान पर आया। उसने अपना परिचय सदरपुर थाने के दीवान के रूप में दिया। उसने बताया कि तांबे का 72 किलो 700 ग्राम तार जब्त हुआ था, जिसकी बिक्री करने का आदेश आया है। राजाराम तार खरीदने के लिए राजी हो गए। उन्होंने बनवीरपुर गांव निवासी अपने दोस्त संबारी के जरिये अपने पुत्र संदीप गुप्ता के पास से 40 हजार रुपये मंगवाए। उन्होंने संबारी से थाने पर जाकर तार ले आने काे कहा। इधर बाइक सवार ने दुकानदार से पहले ही रुपये मांग लिए और संबारी को बाइक पर बिठाकर थाने के अंदर ले गया। वहां महिला हेल्प डेस्क के निकट बैठाकर किसी को फोन लगाकर तार देने की बात कही और खुद चला गया। संबारी ने वहां मौजूद चौकीदार से पूछा कि रामदास कौन है, हम तार लेने आए हैं तो चौकीदार ने बताया कि यहां कोई रामदास नहीं है। इस पर संबारी को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने राजाराम को जानकारी दी तो कारोबारी ने पुलिस को तहरीर दी।
पूरे घटनाक्रम में नहीं उतारा हेलमेट
घटना को अंजाम देने के दौरान ठग ने एक पल के लिए भी अपने सिर से हेलमेट नहीं उतारा। उसने लोगों को भ्रमित करने के लिए खाकी रंग के कपड़े भी पहने थे। थाने के अंदर सिर्फ कार्यालय और हवालात में ही कैमरा लगा है। परिसर में कोई कैमरा न लगा होने के कारण आरोपी वहां कैद नहीं हो सका। रास्तों में लगे कैमरों में ठग की तस्वीर कैद हो गई, हालांकि उसका चेहरा नहीं दिखा है। थानाध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि टीम गठित कर मामले की जांच की जा रही है।