सीतापुर। जिलेभर में जुलूस ए मोहम्मदी बड़े ही धूूमधाम से निकाला गया। ऊंट, हाथी, घोड़े पर बैठकर लोगों ने जुलूस निकाला और पैगंबर हजरत मोहम्मद के जन्मदिवस पर उनको याद किया। घरों में लोगों ने कुरान की तिलावत की। जगह-जगह जलसे हुए, जहां धर्मगुरुओं ने हजरत मोहम्मद के बताए हुए नेकी के रास्ते पर चलने की शिक्षा दी। इस दौरान पुलिस व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही।
शहर में मकरज कमेटी व अन्य अंजुमनों ने जुलूस निकाले गए। जुलूस में शामिल लोग नात पढ़ते, झंडे लहराते अपने कदीमी रास्ते से होते हुए कजियारा चौराहे पर पहुंचे। यहां पर सभा हुई। इसमें लोगों को नेकी के रास्ते पर चलने की बात कही गई। इसके बाद अंजुमनों को पुरस्कृत किया गया। हरगांव में जुलूस जलालीपुर से चलकर जोशी टोला, काजी टोला होते हुए हरगांव चौराहे पहुंचा। जहां से होकर वह तीर्थ बाजार से चलकर इस्माइलपुर होते हुए पुनः जलालीपुर, मस्जिद के पास समाप्त हुआ। इस दौरान नगर पंचायत अध्यक्ष गफ्फार, हारून आदि मौजूद रहे।
लहरपुर में सूफी संत खानकाह हजरत अब्दुर्रहमान शाह जांबाज कलंदर की दरगाह पर लोग जियारत करने आए, जहां जलसा मिलादुन्नबी आयोजित किया गया। गांव सभा कैमहरा से जुलूस निकाला गया। जुलूस क्षेत्र के गांव हरैया कलां, शाहजी का पुरवा होते हुए वापस कैमहरा ग्राम में समाप्त हुआ। कमलापुर में जुलूस कसमंडा और जोडौरा गांव होते हुए पुनः मदरसे में आकर संपन्न हो गया। मौलाना युसूफ रजा ने बताया कि पैगंबर मोहम्मद ने सच्चाई, भलाई, नेकी, सेवा और भाईचारे की शिक्षा दी।
महमूदाबाद के बेलदारी टोला में स्थित मदरसा नुरुल उलूम कादरिया से मौलाना नुरुल हुदा व चेयरमैन प्रतिनिधि आमिर अरफात ने फीता काटकर जुलूस का शुभारंभ किया। जुलूस बजाजा चौराहे होते हुएबस स्टॉफ, सिधौली मार्ग, राजा रोड, पैगंबर पुर, भट्टा, संगत किला, चिकमंडी, होते हुए ठठेरी बाजार पर जाकर समाप्त हुआ। सेवता में जुलूस गांव के बीचों बीच स्थित सैय्याद मारूफ बाबा की मजार से शुरू हुआ, जो विभिन्न मार्गों से होता हुआ वापस सैय्यद बाबा की दरगाह पर पहुंचा।