सीतापुर। उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए शासन की ओर से संचालित निजी औद्योगिक पार्कों के विकास की योजना के नियमों में शिथिलता बरतते हुए कुछ राहत दी गई है। अब 7 मीटर चौड़े संपर्क मार्ग पर भी प्लेज पार्क का निर्माण कराया जा सकेगा। इसके साथ निजी स्तर पर औद्योगिक पार्क को विकसित करने के लिए कई अन्य सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएगी। इससे जिले में औद्योगिक पार्क बनाने के कार्य को रफ्तार मिल सकेगी।
सूक्ष्म, लघु, एवं मध्यम उद्यमों को औद्योगिक भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने व निजी निवेशकर्ताओं को औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से निजी औद्योगिक पार्कों के विकसित करने की योजना लागू की गई है। इसमें आने वाली समस्याओं का समाधान करते हुए कुछ परिवर्तन किए गए हैं।
विनियमित क्षेत्र के जेई एमके मिश्रा ने बताया कि नई व्यवस्था के तहत प्लेज पार्क के लिए प्रस्तावित भूमि को 12 मीटर के स्थान पर कम से कम 7 मीटर चौड़ी सड़क से जुड़े होने का प्रावधान किया गया है। पार्क का क्षेत्रफल 15 से 50 एकड़ है तो लोक निर्माण विभाग की ओर से प्लेज पार्क तक ढाई किलोमीटर सड़क का निर्माण कराया जाएगा। बताया कि शासन के नवीन आदेश के अनुसार ही अब आगे की कार्रवाई तय होगी।
औद्योगिक पार्क के आंतरिक विकास की लागत के लिए 50 लाख रुपये प्रति एकड़ की दर से या औद्योगिक पार्क को विकसित करने के लिए प्रस्तुत परियोजना रिपोर्ट में दर्शाई गई लागत या मांगी गई धनराशि में से जो कम होगी, उसे एक प्रतिशत ब्याज पर उपलब्ध कराया जाएगा। साथ ही 10 फीसदी जमीन पर व्यापारिक और वाणिज्यिक सुविधाएं रहेंगी। जिले के खैराबाद ब्लॉक क्षेत्र के ग्राम रस्योरा में निजी औद्योगिक पार्क विकसित करने के लिए प्रक्रिया चल रही है।