पिसावां। ब्लॉक के रमुआपुर गांव और कठिना नदी के बीच करीब 50 बीघा कृषि भूमि में मुर्गियों का दाना और रासायनिक मिश्रित कचरा डंप किया जा रहा है। मंगलवार को इसकी दुर्गंध से प्राथमिक विद्यालय रमुआपुर के बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। कुछ बच्चों को उपचार के लिए भेजा गया।
ग्रामीणों ने बताया कि डंपिंग स्थल से करीब 200 मीटर दूर प्राथमिक विद्यालय रमुआपुर में मंगलवार को बच्चों की अचानक तबीयत बिगड़ गई। बच्चों को उल्टी, दस्त, सिरदर्द और सांस लेने में तकलीफ की शिकायत हुई। इस पर शिक्षकों ने प्राथमिक उपचार कराकर उन्हें घर भेज दिया।
विद्यालय के प्रभारी शिक्षक रविन्द्र कुमार और सहायक अध्यापक सुनील कुमार ने खंड शिक्षा अधिकारी को लिखित शिकायत सौंपते हुए बताया कि दुर्गंध के कारण विद्यालय में बच्चों और शिक्षकों का बैठना मुश्किल हो गया है। कई अभिभावक भी बच्चों को स्कूल भेजने से हिचक रहे हैं। शिक्षकों ने समस्या का तत्काल समाधान कराने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से प्रतिदिन लगभग 10 ट्रक मुर्गियों का दाना और रासायनिक पदार्थ लाकर खेतों में डंप किए जा रहे हैं। इससे आसपास के क्षेत्र में असहनीय बदबू के साथ मक्खियों और मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है। ग्रामीण कुमुद चौहान, अभिषेक सिंह और दिनेश का कहना है कि रमुआपुर, ठाकुरेपुर, भिठौरा और जलाईपुर सहित करीब 17 गांवों के लगभग 20 हजार लोग इस समस्या से प्रभावित हैं। सावन माह में इसी मार्ग से हजारों कांवड़िये भी गुजरते हैं।
तीन बार दर्ज कराई शिकायत, कार्यवाही शून्य
ग्रामीणों के अनुसार जनसुनवाई पोर्टल पर पर्यावरण विभाग में तीन बार शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। वन विभाग, लेखपाल और पुलिस भी मौके का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं निकला है। वहीं, मुर्गी दाना प्लांट के ठेकेदार कृष्ण मौर्य ने बताया कि उन्हें मामले में थाने बुलाया गया था।
करीब एक से डेढ़ माह के भीतर प्लांट को यहां से हटा लिया जाएगा। खंड शिक्षा अधिकारी अवनीश कुमार ने बताया कि बच्चों की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। बुधवार को इस मामले की विस्तृत जांच की जाएगी।
पिसावां के रमुआपुर प्राथमिक विद्यालय में दुर्गंध आने से नाक बंद किए बच्चे व उल्टी करता छात्र। स