सीतापुर। शहर की बिजली आपूर्ति व्यवस्था मंगलवार को बेपटरी हो गई। 20 से अधिक मोहल्लों में चार घंटे से अधिक समय तक बिजली गुल रही। इस लंबी कटौती के कारण घरों में लगे हुए इलेक्ट्रॉनिक उपकरण शोपीस बनकर रह गए। सुबह के समय बिजली गुल होने से लोगों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया। नगर पालिका ने जहां पाइप लाइन के जरिए आपूर्ति की वहीं घरों में लगे पंप बंद होने से लोग निजी हैंडपंप पर निर्भर रहे। इससे लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं।
शहर में पिछले दो दिन से बिजली आपूर्ति का रोस्टर चरमरा गया है। लो वोल्टेज, ट्रिपिंग व अघोषित कटौती शहरवासियों को परेशान कर रही है। सोमवार शाम छह बजे जहां तामसेनगंज, गुरुद्वारा सहित कई मोहल्लों में तीन घंटे तक बिजली गुल रही। देर रात आपूर्ति बहाल हो पाई। रात भर बिजली आने जाने का सिलसिला जारी रहा।
इससे लोगों की नींद पूरी नहीं हो पाई। मंगलवार को भी दिक्कत बनी रही। सुबह के समय बिजली गुल रही। इससे घरों में पानी का संकट खड़ा हो गया। करीब 11 बजे आपूर्ति बहाल होने पर ही लोगों ने राहत की सांस ली। लंबी कटौती होने के बाद जब लोगों ने पावर कॉर्पोरेशन को फोन किया तो अफसरों ने बताया हुसैनगंज उपकेंद्र में तकनीकी खामी आ गई है। इसकी वजह से दिक्कतें आ रही है।
हुसैनगंज में दिक्कत के चलते आवास विकास, लोहारबाग, स्टेशन रोड, होली नगर, नई बस्ती, ग्रीकगंज, बस स्टेशन रोड आदि मोहल्लों में बिजली गुल रही। व्यापारी बिजली आने का इंतजार ही करते रहे। दोपहर बाद बिजली बहाल हो पाई। उसके बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली।
100 गांवों की गुल हुई बिजली, लोग बेहाल
मछरेहटा/सीतापुर। मछरेहटा उपकेंद्र से जुड़े करीब 100 गांवों में 24 घंटे बिजली गुल रही। इस लंबी कटौती होने से ग्रामीणों को दिक्कतें उठानी पड़ीं। मंगलवार दोपहर बाद बिजली बहाल हो सकी। उसके बाद ही लोगों ने राहत की सांस ली।
पूरा देश जहां आजादी के 75 साल होने पर आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा था वहीं जनपद के मछरेहटा क्षेत्र में बिजली गुल थी। मछरेहटा उपकेंद्र से जुड़े गांवों में सुबह आठ बजे बिजली गुल हो गई। पहले लोगों ने समझा कि कुछ देर बाद आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
लंबी कटौती होने से इस भीषण गर्मी में लोग बेहाल होने लगे। मंगलवार दोपहर को बिजली बहाल हो सकी। लंबी कटौती होने से लोगों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ी। मछरेहटा कस्बा के व्यवसायी बबलू श्रीवास्तव बताते हैं कि मछरेहटा की बिजली व्यवस्था आज से नहीं बल्कि हमेशा से ही ऐसी बनी रहती है।
बेकरी की दुकान चलाने वाले बताते है कि उनका धंधा बिजली पर ही निर्भर है। दूध की एजेंसी है। दूध फ्रिज में रखना होता है लेकिन बिजली न आने के कारण नुकसान झेलना पड़ रहा है। ग्राम पहलीपुरवा के किसान साधू ने बताया कि जेई व लाइनमैन फोन नहीं उठाते है। जेई वीरेंद्र कुमार ने बताया कि हवा तेज चल रही है। इस वजह से आपूर्ति बाधित हो रही है।